भारत: कल का दिन पश्चिम बंगाल में रहने वाले हर नागरिक के लिए यह एक गर्व का दिन था। बुधवार को यूनेस्को ने यह एलान किया है कि भारतीय त्योहार दुर्गा पूजा को उसने अपनी 'मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के लिस्ट में शामिल किया है। यूनेस्को के इस एलान के बाद लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई खासतौर पर बंगाल के निवासियों ने इसका जमकर स्वागत किया है। एक तरफ यूनेस्को के इस पहल की पीएम मोदी ने तारीफ की है तो वहीं तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ट्वीट कर इस पर खुशी जातई है।
यूनेस्को के 16वें सत्र में दुर्गा पूजा को मिली जगह
यूनेस्को के 16वें सत्र में दुर्गा पूजा को इस लिस्ट में शामिल करने की बात कही गई है। गौरतलब है कि यूनेस्को ने 2008 में इस अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के लिस्ट को तैयार की थी, इस पर यूनेस्को का यह कहना था कि वह दुनियाभर की कुछ खास अमूर्त सांस्कृतिक विरासतों को इस सूची के द्वारा लोगों को अवगत कराएगा। यूनेस्को के इस लिस्ट में शामिल होने के लिए दुनिया भर से प्रपोजल्स आते हैं, लेकिन इस बार दुर्गा पूजा ने बाजी मारी और इस लिस्ट में अपनी जगह बनाने में कामयाब रही।
''पब्लिक परफॉर्मेंस के सबसे अच्छे उदाहरण-दुर्गा पूजा''- यूनेस्को
अपनी वेबसाइट पर इसकी जानकारी देते हुए यूनेस्को ने कहा, 'दुर्गा पूजा को धर्म और कला के पब्लिक परफॉर्मेंस के सबसे अच्छे उदाहरण के साथ-साथ सहयोगी कलाकारों और डिजाइनरों के लिए एक बड़े मौके के रूप में देखा जाता है। दुर्गा पूजा के दौरान, वर्ग, धर्म और जातीयता का विभाजन टूट जाता है।' वहीं इस लिस्ट में केवल दुर्गा पूजा को ही नहीं बल्कि 2008 में रामलीला और 2017 में कुंभ मेले के साथ साल 2016 में नवरोज और योग को भी शामिल किया गया है।
पीएम मोदी समेत कई लोगों ने बताया गर्व और उल्लास की बात
यूनेस्को के इस घोषणा पर पीएम मोदी समेत तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने अपनी खुशी जाहिर की है। पीएम मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा, 'प्रत्येक भारतीय के लिए गर्व और उल्लास का पल। दुर्गा पूजा हमारी सर्वोत्तम परंपराओं और लोकाचार को पेश करती है और कोलकाता की दुर्गा पूजा का अनुभव हर किसी के पास होना चाहिए।' वहीं इस पर अभिषेक बनर्जी ने भी ट्वीट कर यूनेस्को के इस फैसले का स्वागत किया और इसके तंज पर सरकार को भी घेरा है।