लाइव न्यूज़ :

मोदी सरकार के सवालों के जवाब देने में प्रतिबंधित चीनी ऐप के छूट रहे हैं पसीने, दूतावास को करनी पड़ रही पैरवी

By नितिन अग्रवाल | Updated: July 18, 2020 07:16 IST

भारत ने टिकटॉक, यूसी ब्राउज़र, शेयरइट और वीचैट सहित चीन से संबंध रखने वाले 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाया था. ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह से ग्रस्त थे. 

Open in App
ठळक मुद्देप्राथमिक प्रतिबंध के बाद 59 चीनी एप्प्स का संचालन करने वाली कंपनियों के लिए सरकार के सवालों के जवाब देना भारी पड़ रहा है. सरकार ने उनपर ऐसे सवालों की झड़ी लगाई है जिससे कंपनियों की पैरवी के लिए चीनी दूतावास और सरकार को आगे आना पड़ रहा है.

प्राथमिक प्रतिबंध के बाद 59 चीनी ऐप्स का संचालन करने वाली कंपनियों के लिए सरकार के सवालों के जवाब देना भारी पड़ रहा है. सरकार ने उनपर ऐसे सवालों की झड़ी लगाई है जिससे कंपनियों की पैरवी के लिए चीनी दूतावास और सरकार को आगे आना पड़ रहा है. सरकार ने इन कंपनियों से उनके एप्प के डिज़ाइन में सुरक्षा इंतज़ाम, उनके कामकाज से लेकर कारोबार और आमदनी के सभी स्रोत, टैक्स रिटर्न तथा दूसरे देशों की सरकारों के लिए काम करने से लेकर यूजर्स को प्रभावित करने के तौर तरीकों तक की जानकारी मांग ली है.

सूचना प्रोद्योगिकी मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि सरकार इन सवालों के ज़रिए ऐप्स को इस्तेमाल करने वाले करोड़ों भारतीयों के डाटा के अनधिकृत इस्तेमाल का पता लगाना चाहती है. इसके साथ ही सरकार यह भी सुनिश्चित कर लेना चाहती है कि ऐप किसी खास विचारधारा के समर्थन में तो नहीं हैं.यह भी पता किया जा रहा है कि ऐप विदेशी सरकार के इशारे पर कंटेंट या अपने यूजर्स को किस प्रकार प्रभावित करते हैं? इसके लिए पुलवामा आतंकी हमले में 40 सीआरपीएफ जवानों की शहादत के बाद आप द्वारा किसी खास किस्म के कंटेंट को सेंसर करने के बारे में भी जानकारी मांगी गई है.

खामियां मिलने पर कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखा सकता है भारत

पहचान उजागर नहीं करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि फिलहाल सिर्फ ऐप पर ही प्रतिबंध लगाया है लेकिन यदि ख़ामियां सामने आती हैं तो इसे स्थाई कर इन कंपनियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है. इसका पता लगाने के लिए सवालों को इस तरह तैयार किया गया है कि कंपनियों न तो जानकारी छिपा सकेंगी और न ही गलत जानकारी देकर बच सकेंगी. भारत ने टिकटॉक, यूसी ब्राउज़र, शेयरइट और वीचैट सहित चीन से संबंध रखने वाले 59 ऐप पर प्रतिबंध लगाया था. ये ऐप देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के लिए पूर्वाग्रह से ग्रस्त थे. भारत में टिकटॉक ऐप का इस्तेमाल पूरी तरह बंद हो गया है. 

टॅग्स :चीनइंडियानरेंद्र मोदी
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

भारतदेश के लिए समर्पित ‘एक भारतीय आत्मा’

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

भारतमाफ कीजिए मुनिश्रीजी, आप गलत बोल गए

पूजा पाठBaisakhi 2026: सिर्फ पंजाब ही क्यों? भारत के इन 5 शहरों में भी दिखती है बैसाखी की रौनक, चेक करें बेस्ट स्पॉट्स

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील