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सीएम खट्टर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखा, पूछा, 19 मई मतदान वाले दिन चंडीगढ़ में रुक सकते हैं या नहीं

By भाषा | Updated: May 15, 2019 20:29 IST

दरअसल गत शुक्रवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आचार संहिता का हवाला देते हुए जींद में रात्रि विश्राम की इजाजत नहीं दी थी, जिसके बाद उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। खराब मौसम के कारण सड़क रास्ते से चंडीगढ़ आ रहे खट्टर को रात में जींद में ठहरना था

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ठळक मुद्देचंडीगढ़ में 19 मई को मतदान होना है और मुख्यमंत्री यहां के पंजीकृत मतदाता नहीं हैं।हरियाणा के मामले में यह बात और दिलचस्प हो जाती है जहां राज्य की राजधानी राज्य के न्याय क्षेत्र की सीमा में नहीं आती।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर पूछा है कि क्या 19 मई को मतदान वाले दिन वह राजधानी चंडीगढ़ में रुके रह सकते हैं या नहीं।

दरअसल गत शुक्रवार को चुनाव आयोग के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को आचार संहिता का हवाला देते हुए जींद में रात्रि विश्राम की इजाजत नहीं दी थी, जिसके बाद उन्हें उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा था। खराब मौसम के कारण सड़क रास्ते से चंडीगढ़ आ रहे खट्टर को रात में जींद में ठहरना था और देर रात उनकी ओर से दाखिल एक याचिका पर सुनवाई के बाद पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय की इजाजत से ही वह अतिथि गृह में ठहर सके थे।

हरियाणा के महाधिवक्ता बलदेव राज महाजन ने पहले कहा था कि जींद के उपायुक्त और निर्वाचन अधिकारी ने खट्टर को रात में रुकने की अनुमति नहीं देते हुए आदर्श आचार संहिता का हवाला दिया था। कारण बताया गया था कि चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद मंत्री और विधायक उन क्षेत्रों में रात्रि विश्राम नहीं कर सकते, जहां वह पंजीकृत मतदाता नहीं हैं।

खट्टर करनाल में मतदाता के रूप में पंजीकृत हैं जहां से वह विधायक हैं। अब खट्टर के अतिरिक्त प्रधान सचिव ने मुख्य चुनाव आयुक्त सुनील अरोड़ा को पत्र लिखकर इस मामले में स्थिति साफ करने को कहा है कि क्या मुख्यमंत्री शुक्रवार को चुनाव प्रचार थमने के बाद चंडीगढ़ में ही रुक सकते हैं या नहीं।

मुख्यमंत्री की ओर से लिखे गये पत्र में उन परिस्थितियों का भी उल्लेख किया गया है जिनके तहत खट्टर के सहयोगी ने उनकी ओर से उच्च न्यायालय में गुहार लगाई थी। इसमें लिखा गया है, ‘‘कानून में जो लिखा है, उसे पूरी तरह माना जाए तो इसका मतलब होगा कि राज्य के मुख्य कर्ताधर्ता इस अवधि में किसी भी मकसद से उस जगह को छोड़कर जहां वह पंजीकृत मतदाता हैं, अन्य कहीं ठहर नहीं सकते।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘हरियाणा के मामले में यह बात और दिलचस्प हो जाती है जहां राज्य की राजधानी राज्य के न्याय क्षेत्र की सीमा में नहीं आती।’’ पत्र के अनुसार, ‘‘इस तरह तो मुख्यमंत्री को 17 मई की शाम को चंडीगढ़ में राज्य की राजधानी स्थित उनके सरकारी आवास को भी छोड़ना होगा क्योंकि चंडीगढ़ में 19 मई को मतदान होना है और मुख्यमंत्री यहां के पंजीकृत मतदाता नहीं हैं।’’ 

टॅग्स :लोकसभा चुनावहरियाना लोकसभा चुनाव 2019चंडीगढ़ लोकसभा चुनाव 2019मनोहर लाल खट्टरभारतीय जनता पार्टी (बीजेपी)
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