22 साल बाद एक बार फिर से गुजरात की जनता ने अपना जनादेश बीजेपी के पक्ष में दिया है। जिसके बाद एक बार फिर से यह साफ हो गया है कि ब्रांड मोदी के नाम पर लड़नेवाली बीजेपी में लोगों ने अपना विश्वास व्यक्त किया। यह चुनाव इसलिए अहम हो गया था क्योंकि मोदी के पीएम बनने के बाद राज्य का यह पहला विधानसभा चुनाव था। ईवीएम में नोटा बटन के जरिए मतदाता यह बता सकते हैं कि चुनाव मैदान में उतरा कोई उम्मीदवार उनका प्रतिनिधि बनने लायक नहीं है। गुजरात विधानसभा चुनाव में 5,51,294 मतदाताओं ने यह बटन दबाकर अपने इलाके के उम्मीदवारों को खारिज कर दिया।
आप को मिले वोट
गोवा में और पंजाब में शिकस्त खाने के बाद आम आदमी पार्टी पहली बार गुजरात के चुनाव में अपना किस्मत आजमाने उतरी थी। लेकिन जीत तो दूर आम आदमी पार्टी कहीं रुझानों में भी नहीं दिखी। सोमवार को जब रिजल्ट घोषित हुए तो आप का एक भी उम्मीदवार नहीं जीत सका और उसके कई उम्मीदवारों की जमानत जब्त हो गई। जहां पार्टी को केवल 29 हजार 517 वोट हासिल हुए। वहीं इन 29 सीटों पर 75 हजार 880 लोगों ने नोटा का लिकल्प चुना। नोटा का विकल्प चुनने वालों की संख्या 2.5 फीसदी अधिक रही। खास बात ये है कि आप से ज्यादा वोट नोटा को मतदातोओं ने दिए। जाने आप में किसको कितने मिले वोट
-ऊंझा सीट पर रमेशभाई पटेल 400 वोट को आंकड़ा भी नहीं छू पाए-बापूनगर सीट पर अनिल वर्मा को सिर्फ 1167 वोट मिले-गोंडल विधानसभा सीट पर निमिषाबेन धीरजलाल को 2179 वोट भी नहीं मिल पाए-बोटाद में जीलुभाई मीठाभाई को 303 वोट मिले