लाइव न्यूज़ :

दिल्ली में 15 दिन में कोविड-19 से 872 लोगों की मृत्यु

By भाषा | Updated: November 12, 2020 19:28 IST

Open in App

(कुणाल दत्त)

नयी दिल्ली, 12 नवंबर दिल्ली में बीते 15 दिन में कोविड-19 से 870 से अधिक लोगों की मौत हुई है, जिसके लिये विशेषज्ञ संक्रमण के मामलों में अचानक उछाल आने, बिगड़ती वायु गुणवत्ता, सुरक्षा नियमों को लेकर बरती जा रही लापरवाही और अन्य कारकों को जिम्मेदार बता रहे हैं।

दिल्ली में 28 अक्टूबर के बाद से कोविड-19 के मामलों में अचानक उछाल देखा गया है। उस दिन राजधानी में पहली बार एक दिन में पांच हजार से अधिक लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाए थे। बृहस्पतिवार को पहली बार संक्रमण के आठ हजार से अधिक मामले सामने आए।

दिल्ली में 28 अक्टूबर से 11 नवंबर के बीच संक्रमण के 90,572 नए मामले सामने आए हैं जबकि 872 लोगों की मौत हुई है। बीते दो दिन में रोजाना 80 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है।

राजधानी में बुधवार को एक दिन में कोरोना वायरस संक्रमण के सबसे अधिक 8,593 मामले सामने आए, जिसके बाद संक्रमितों की कुल संख्या 4 लाख 59 हजार से अधिक हो गई।

सरकारी और निजी अस्पतालों के चिकित्सा विशेषज्ञ बीते दो सप्ताह में मौत के मामलों में तेज वृद्धि की वजह संक्रमण के मामलों में रोजाना तेज उछाल, त्योहारों के सीजन में बड़ी संख्या लोगों की के बाहर निकलने, लोगों के विभिन्न रोगों से ग्रस्त होने, बढ़ते प्रदूषण के चलते लोगों की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने और बाजारों तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाही बरते जाने को मानते हैं।

सर गंगा राम अस्पताल में मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष एस पी ब्योत्रा ने कहा कि संक्रमण के मामलों में रोजाना तेज वृद्धि हो रही है, इसी के साथ-साथ मौत के मामलों में भी इजाफा हो रहा है।

उन्होंने कहा, ''इसके अलावा प्रदूषण स्तर बढ़ने जैसे अन्य कारक भी हैं जिन्होंने सांस संबंधी परेशानियों से जूझ रहे लोगों की दिक्कतों को और बढ़ा दिया है। पड़ोसी राज्यों से रोगी बहुत कमजोर हालत में दिल्ली आ रहे हैं।''

उन्होंने कहा कि एक कारक जिसकी वजह से संक्रमण और मौत के मामलों में भारी उछाल आया है, वह है बड़ी संख्या में लोगों द्वारा मास्क नहीं पहना जाना और सुरक्षा नियमों को लेकर लापरवाही बरतना।

राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के चिकित्सा निदेशक बी एल शेरवाल ने भी ब्योत्रा की बात से सहमति जताते हुए कहा कि अधिकतर ऐसे लोगों की मौत हुई है जिनकी उम्र 60, 70 या उससे अधिक थी।

उन्होंने 'पीटीआई-भाषा' से कहा, ''इनमें से अधिकतर लोग मधुमेह या उच्च रक्तचाप जैसी दूसरी बीमारियों से भी जूझ रहे थे, जिन्होंने उनकी मौत की संभावना को और बढ़ा दिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

क्रिकेटसफलता के लिए कौशल से ज्यादा आत्मविश्वास की जरूरत, मुंबई इंडियंस के तेज गेंदबाज दीपक चाहर ने कहा- समीर रिजवी ने कमाल की पारी खेली

क्रिकेटआईपीएल 2026ः 12 गेंद में चाहिए था 15 रन, 19वां-20वां ओवर, आर्चर-देशपांडे की किया कमाल और 8 रन दिए और 6 रन से दिलाई जीत

पूजा पाठPanchang 05 April 2026: आज कब से कब तक है राहुकाल और अभिजीत मुहूर्त का समय, देखें पंचांग

पूजा पाठRashifal 05 April 2026: आज शत्रुओं की चाल से बचें वृषभ राशि के लोग, कर्क राशिवालों के जीवन में खुशियां

भारतPAN Card Update: घर बैठे सुधारें पैन कार्ड में मोबाइल नंबर या नाम, बस 5 मिनट में होगा पूरा काम; देखें प्रोसेस

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील