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NEET और JEE परीक्षाओं को टालने के लिए गैर-BJP राज्य के 6 मंत्री पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, आदेश की समीक्षा करने की गुहार

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: August 28, 2020 14:14 IST

इंजीनियरिंग के लिये संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मुख्य) या जेईई (JEE) एक से छह सितंबर के बीच होगी जबकि राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET-स्नातक) 13 सितंबर को कराने की योजना है।

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ठळक मुद्देसुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को NEET और JEE की परीक्षा टालने वाली याचिका खारिज कर दी है। कांग्रेस ने दोनों परीक्षाओं के खिलाफ सोशल मीडिया पर ‘स्पीक अप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ हैशटैग से अभियान चलाया है।

नई दिल्ली: गैर भाजपा शासित राज्यों के छह मंत्रियों ने शुक्रवार (28 अगस्त)  को सुप्रीम कोर्ट का रुख कर कोविड-19 वैश्विक महामारी के बीच इस साल नीट (NEET) और जेईई (JEE MAIN)  प्रवेश परीक्षाएं कराने की केंद्र को अनुमति देने वाले आदेश पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया। पुनर्विचार याचिका पश्चिम बंगाल (मलय घटक), झारखंड (रामेश्वर ओरांव), राजस्थान (रघु शर्मा), छत्तीसगढ़ (अमरजीत भगत), पंजाब (बी एस सिंधु) और महाराष्ट्र (उदय रविंद्र सावंत) के मंत्रियों की ओर से दायर की गई है। यह याचिका अधिवक्ता सुनील फर्नांडिस के माध्यम से दायर की गई है।

नीट (NEET) और जेईई (JEE MAIN) परीक्षा टालने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट कर चुका है खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने 17 अगस्त को, इस साल सितंबर में निर्धारित मेडिकल एवं इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं - नीट और जेईई के आयोजन के मामले में हस्तक्षेप करने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि जीवन चलते रहना चाहिए और विद्यार्थी वैश्विक महामारी के चलते अपना बहुमूल्य साल बर्बाद नहीं कर सकते। शीर्ष अदालत ने सायंतन बिश्वास की याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें नीट और जेईई दोनों परीक्षाओं का आयोजन करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को ये परीक्षाएं टालने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया था। कोर्ट ने कहा था कि याचिका सुनवाई करने लायक नहीं है। 

कांग्रेस ने NEET और JEE परीक्षाएं कराने के खिलाफ चलाया अभियान

कांग्रेस ने मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेजों में प्रवेश से संबंधित नीट एवं जेईई की परीक्षाएं कोरोना वायरस महामारी के बीच कराने के फैसले के विरोध में शुक्रवार को सोशल मीडिया में अभियान चलाया और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने लोगों से छात्रों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।

पार्टी ने सोशल मीडिया में ‘स्पीक अप फॉर स्टूडेंट सेफ्टी’ हैशटैग से अभियान चलाने के साथ ही आज देश भर में केंद्र सरकार से जुड़े दफ्तरों के बाहर धरने का कार्यक्रम भी रखा है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘लाखों परेशान छात्रों के साथ अपनी आवाज़ जोड़िए। आइए, सरकार से छात्रों की बात सुनने की मांग करें।’’

कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस अभियान के तहत वीडियो जारी कर परीक्षाएं स्थगित करने की मांग की। वरिष्ठ नेता मोतीलाल वोरा ने कहा, ‘‘कांग्रेस पार्टी छात्रों द्वारा जेईई और नीट की परीक्षा स्थगित करने की मांग का समर्थन करती है। असम और बिहार जैसे बाढ़ प्रभावित राज्यों के छात्रों को परेशानियां उठानी पड़ेंगी। कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है।’’

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा, ‘‘भाजपा सरकार का मनमाना रवैया नीट और जेईई की परीक्षाओं में हिस्सा लेने वाले 25 लाख छात्रों के जीवन को खतरे में डाल रहा है। इस निर्णय के खिलाफ छात्रों के अभिभावक भी प्रदर्शन कर रहे हैं; भाजपा सरकार को अपने इस निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए।’

(पीटीआई-इनपुट के साथ)

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