लाइव न्यूज़ :

दिल्ली चुनाव लड़ने की इजाजत मांगने अदालत पहुंचे 11 लोग, चुनाव अधिकारियों पर लगाए ये आरोप

By भाषा | Updated: January 27, 2020 19:40 IST

मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई जिसने मंगलवार को सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध करने पर सहमति जता दी।

Open in App
ठळक मुद्देचुनाव अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं से अगले दिन आने को कहा। अधिकारी ने उन्हें यह भी बताया कि टोकन अगले दिन के लिए वैध हैं और उनकी बारी अन्य लोगों से पहले आएगी।

दिल्ली हाई कोर्ट ने सोमवार को 11 लोगों की उस याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जता दी जिसमें नयी दिल्ली सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की मांग की गयी है। इनका आरोप है कि चुनाव अधिकारी ने तय समय पर इनके चुनाव कार्यालय पहुंचने के बाद भी कथित रूप से उनके नामांकन स्वीकार नहीं किये थे। मुख्य न्यायाधीश डी एन पटेल और न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ के समक्ष याचिका आई जिसने मंगलवार को सुनवाई के लिए इसे सूचीबद्ध करने पर सहमति जता दी।

इसके बाद मामले को मंगलवार को न्यायमूर्ति संजीव सचदेवा के समक्ष सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया। ग्यारह लोगों की ओर से दाखिल याचिका में दलील दी गयी कि वे यहां जामनगर हाउस में चुनाव कार्यालय में 20 जनवरी को सुबह ही अपने जरूरी फॉर्म और दस्तावेजों के साथ पहुंच गये थे।

दफ्तर में पहले से ही कई उम्मीदवार इंतजार कर रहे थे तो चुनाव अधिकारी ने उन्हें टोकन जारी कर दिये और उनकी संख्या के आधार पर फॉर्म लिये जाने थे। हालांकि याचिका में कहा गया कि समय कम होने की वजह से उन सभी लोगों के फॉर्म जमा नहीं हो सके, जिन्हें टोकन दिये गये थे।

चुनाव अधिकारी ने याचिकाकर्ताओं से अगले दिन आने को कहा। अधिकारी ने उन्हें यह भी बताया कि टोकन अगले दिन के लिए वैध हैं और उनकी बारी अन्य लोगों से पहले आएगी। याचिका के मुताबिक जब वे अगले दिन चुनाव कार्यालय पहुंचे तो पता चला कि टोकन के बजाय एक कागज पर आवेदकों के नाम लिखे जा रहे हैं।

उन्होंने दावा किया कि जब वहां मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नामांकन के लिए पहुंचे तो उन्हें सीधे अंदर ले जाया गया। उन्होंने याचिका में दावा किया कि चुनाव अधिकारी के गलत, अवैध, मनमाने, असंवैधानिक और दुर्भावनापूर्ण कृत्यों की वजह से याचिकाकर्ताओं को अवैध तरीके से सरकार बनाने की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होने के संवैधानिक अधिकार का इस्तेमाल करने से रोका गया। 

टॅग्स :दिल्ली विधान सभा चुनाव 2020चुनाव आयोग
Open in App

संबंधित खबरें

भारतलखनऊ सहित यूपी के 17 शहरों में कूड़े का अंबार?, मतदान करने असम गए हजारों सफाईकर्मी, 12 अप्रैल को लौंटेगे?

भारतबारामती विधानसभा सीटः सुनेत्रा पवार के खिलाफ प्रत्याशी ना उतारें?, सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा- निर्विरोध जिताएं, सभी दलों से की अपील

भारतमोथाबाड़ी में न्यायिक अधिकारी को किया अगवा और असली आरोपी फरार?, सीएम ममता बनर्जी ने कहा- निर्दोष लोगों को परेशान कर रही एनआईए

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्राइम अलर्टमालदा में 7 न्यायिक अधिकारी को बनाया बंधक?, बागडोगरा हवाई अड्डे से मुख्य आरोपी अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम अरेस्ट, अब तक 35 अरेस्ट, वीडियो

भारत अधिक खबरें

भारत'Three Allegations, Zero Truth': आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा की भूमिका से हटाए जाने के बाद राघव चड्ढा का जवाब

भारतMadhya Pradesh: अनूपपुर ज़िले में चार-मंज़िला होटल गिरने से मलबे में कई लोगों के फँसे होने की आशंका, एक की मौत

भारततमिलनाडु चुनावों के लिए BJP का टिकट न मिलने के बाद अन्नामलाई ने दिया अपना स्पष्टीकरण

भारत'एकनाथ शिंदे और बलात्कार के आरोपी अशोक खरात के बीच 17 बार फोन पर बातचीत हुई', अंजलि दमानिया का आरोप

भारतघायल हूं इसलिए घातक हूं?, राघव ने एक्स पर किया पोस्ट, मैं बोलना नहीं चाहता था, मगर चुप रहता तो बार-बार दोहराया गया झूठ भी सच लगने लगता, वीडियो