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21 जून को ही क्यों मनाया जाता है अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, जानते हैं इसके पीछे का कारण?

By गुलनीत कौर | Updated: June 17, 2019 08:50 IST

पीएम मोदी द्वारा साल 2015 में योग दिवस मनाने की घोषणा की गई थी जिसके बाद 21 जून को दिल्ली के राजपथ पर पीएम मोदी संग 35 हजार लोगों की उपस्थिति में योगासन करते हुए योग दिवस मनाया गया था। इसके बाद 21 जून 2016 को गुजरात में योग दिवस मनाया गया।

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नतृत्व में हर साल 21 जून को देश और दुनिया के कई कोनों में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जाता है। इस साल भी यह बड़े पैमाने पर आयोजित किया जाएगा। योग दिवस आने से कई दिनों पहले से ही पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने ट्विटर अकाउंट के जरिए लोगों को योग का महत्व समझा रहे हैं।

पीएम मोदी द्वारा हर सप्ताह योग से जुड़े एक से दो वीडियो उनके ट्विटर अकाउंट पर अपलोड किए जा रहे हैं। ये वीडियो बेहद दिलचस्प हैं। इन वीडियो में आप पीएम मोदी का एनिमेटेड किरदार देख सकते हैं। यह किरदार आपको योगासन करने का तरीका समझा रहा है। स्टेप बाय स्टेप कैसे योगासन को करना है और इसका क्या लाभ है वह समझाया जाता है। आइए देखें उनमें से एक वीडियो:

21 जून को योग दिवस

देश की जनता के स्वास्थ्य के सुधार एवं भारतीय पद्दति योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध करने के मकसद से पीएम मोदी ने 21 जून को हर साल योग दिवस मनाने का ऐलान किया था। इस अवसर पर वे प्रति वर्ष एक विशाल कार्यक्रम आयोजित कराते हैं। वे खुद भी इसका हिस्सा बनते हैं। कार्यक्रम में पीएम मोदी संग लाखों की संख्या में आए लोग योग करते हैं।

मगर क्या कभी आपने सोचा है कि पीएम मोदी ने 21 जून को ही योग दिवस मनाने का फैसला क्यूं लिया? जून का महीना और उसकी 21 तारीख ही पीएम मोदी को योग दिवस मनाने के लिए उत्तम क्यूं लगी? 21 जून के अलावा उन्होंने किसी अन्य तारीख को क्यूं नहीं चुना? क्या है आपके पीछे का कारण, आइए जानते हैं विस्तार से।

21 जून को योग दिवस क्यूं?

दरअसल 21 जून साल का सबसे बड़ा दिन होता है। इस दिन सूरज की किरणें धरती पर समय लंबे समय तक टिकी रहती हैं। वैसे तो 20 जून को भी धूप जल्दी ख़त्म नहीं होती है मगर 21 जून को हर साल 15 से 16 घंटों तक सूरज अपनी रोशनी के साथ आसमान में बना रहता है। कई बार मौसम में बदलाव के कारण 22 जून को भी साल का बड़ा दिन बन जाता है। 

उत्तरी गोलार्ध पर आमतौर पर 20, 21 और 22 जून को सबसे ज्यादा सूर्य की रोशनी पड़ती है। इसी तरह दक्षिण गोलार्ध पर 21, 22 और 23 दिसंबर को सबसे ज्यादा सूर्य की रोशनी पड़ती है। इस तारीख के बाद दिन छोटे होने लगते हैं और गोलार्ध दक्षिण की ओर जाने लगता है जिसे भारतीय संस्कृति में शुभ माना जाता है। सबसे लंबा दिन और दक्षिण गोलार्ध में सूर्य के प्रवेश होने के इन दो कारणों के कारण पीएम मोदी ने इसदिन को  योग दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया था।

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पहली बार कब मनाया गया योग दिवस?

पीएम मोदी द्वारा साल 2015 में योग दिवस मनाने की घोषणा की गई थी जिसके बाद 21 जून को दिल्ली के राजपथ पर पीएम मोदी संग 35 हजार लोगों की उपस्थिति में योगासन करते हुए योग दिवस मनाया गया था। इसके बाद 21 जून 2016 को गुजरात में योग दिवस मनाया गया। इस बार भी पीएम मोदी कार्यक्रम में उपस्थित थे। इसी तरह हर साल पीएम मोदी के नेतृत्व में योग दिवस मनाया जा रहा है। 

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