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निपाह वायरस से 48 घंटे में कोमा या मौत, जरूर जान लें ये 10 बातें

By उस्मान | Updated: May 21, 2018 15:46 IST

WHO के अनुसार, इस खतरनाक वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। इससे संक्रमित व्यक्ति के लिए केवल 'इंसेंटिव सपोर्टिव केयर (आईएससी) ही प्राइमरी इलाज है।

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केरल में Nipah Virus (NiV) से कई लोगों की मौत हो गई है और कई लोगों के स्थिति गंभीर बनी हुई है। इस घटना के बाद राज्य में दहशत का माहौल है। राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट जारी कर दिया है. हालात को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने विशेषज्ञों की एक टीम केरल भेजी है। फिलहाल इस वायरस की चपेट में आए 12 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इसके अलावा घरेलू जानवरों पर भी नजर रखी जा रही है। इस वायरस से प्रभावित लोगों के आसपास रहने वालों ने अपने घर छोड़ दिए हैं। यह एक खतरनाक वायरस है जिसका कोई इलाज नहीं है। हम आपको इस वायरस से जुड़ी कुछ जरूरी जानकारी दे रहे हैं जिनके बारे में आपको पता होना चाहिए।

1) निपाह वायरस के लक्षणों में सांस लेने में परेशानी, दिमागी सूजन, बुखार, सिरदर्द, अनिद्रा, मतली, कमजोरी, विचलन और भ्रम कि स्थिति आदि शामिल हैं। एक मरीज 48 घंटे के भीतर कोमा में जा सकता है। 

2) वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार, इस खतरनाक वायरस के लिए अभी तक कोई वैक्सीन नहीं है। इससे संक्रमित व्यक्ति के लिए केवल 'इंसेंटिव सपोर्टिव केयर (आईएससी) ही इलाज है। 

3) यह वायरस सुअरों और अन्य घरेलू जानवरों को भी संक्रमित कर सकता है। इस वायरस का प्रारंभिक स्रोत फल चूसने वाले चमगादड़ हैं। 

4) डबल्यूएचओ के अनुसार, एनआईवी को पहली बार 1998 में मलेशिया में पहचाना गया था। साल 2004 में खजूर का सेवन करने के बाद कई लोग संक्रमित हो गए थे। इसका कारण यह था कि उन्होंने चमगादड़ द्वारा चूसे हुए खजूर का सेवन किया था। 

5) यह वायरस संक्रमित चमगादड़, सूअर, या इस वायरस से पीड़ित के साथ सीधे संबंध में आने से फैलता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि जमीन पर पड़े हुए फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। ध्यान रहे कि यह हवा के जरिए फैलने वाला वायरस नहीं है। 

6) इससे बचने के लिए आपको सूअरों, चमगादड़ और इससे पीड़ित व्यक्ति के पास जाने से बचना चाहिए। 

7) डॉक्टरों को इससे बचने के लिए संक्रमित व्यक्ति के इलाज के दौरान मास्क और ग्लव्स पहनने चाहिए। 

यह भी पढ़ें- केरल में निपाह वायरस से 10 लोगों की मौत, जानिए क्या है NiV, लक्षण, बचाव और इलाज

8) अगर आपको कोई रिश्तेदार या दोस्त इस समय केरल के कोझिकोड़ गया हुआ है और वो वापस आ रहा है, तो सबसे पहले आपको उसकी जांच करानी चाहिए। यह संभव है कि अगर वो इंफेक्टेड होगा तो आप भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।

9) आपको जमीन पर पड़े हुए फलों को खाने से बचना चाहिए। संभव है वो फल चमगादड़ ने खाएं हों, उनका सेवन करने से आप इस वायरस की चपेट में आ सकते हैं।

यह भी पढ़ें- बवासीर का रामबाण इलाज है पेट्रोलियम जेली, ऐसे करें इस्तेमाल

10) अगर आप सूअर पालते हैं, तो आपको उनके पास जाने से बचना चाहिए और अन्य लोगों को भी उनके पास जाने से रोकना चाहिए। 

(फोटो- पिक्साबे) 

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