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'आकर्षण के साथ-साथ हेयर केयर के प्रति सावधानी है जरूरी'

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: May 19, 2018 20:39 IST

आकर्षक दिखने के लिए तरह-तरह के हेयर कलर, तेल, क्रीम आदि का इस्तेमाल है बेहद घातक।

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रोजमर्रा की भागदौड़ भरी जिंदगी में विभिन्न शारीरिक व मानसिक समस्यायें परेशानी का सबब बनती हैं और तनावपूर्ण स्थितियों में व्यक्ति विभिन्न नुस्खे व ट्रीटमेंट अपनाने को बाध्य हो जाता है। यह जाने बिना कि यह समस्या बाहरी भाग दौड़ या तनाव से ज्यादा उसकी जीवनशैली से जुड़ी है जो न केवल मानसिक बल्कि शारीरिक तौर पर भी नुकसानदेह है। यह नुकसान सेहत के साथ-साथ व्यक्तित्व पर साफ झलकता है क्योंकि इसका सीधा फर्क चेहरे, बालों आदि पर भी पढ़ता है। 

आज के समय में अमूमन देखा गया है कि लोगों में बाल झड़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है और इस समस्या के भी विभिन्न कारण है जिनमें प्रमुख है बालों की बुरी देखभाल और आकर्षक दिखने के लिए तरह-तरह के हेयर कलर, तेल, क्रीम आदि का इस्तेमाल। अच्छा दिखने के लिए हम अक्सर बेहतर चुनते हैं लेकिन उससे होने वाले नुकसान पर हमारा ध्यान नहीं जाता। ऐसे में एक्सपर्ट सुझाते हैं कि हेयर केयर बेहद आवश्यक है और जरूरी नहीं कि कैमिकल तत्वों वाली क्रीम या उत्पाद इस्तेमाल किये जायें, बाजार में नो अमोनिया या प्राकृतिक हेयर कलर भी मौजूद हैं जो इसमें मददगार हैं और बालों को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाते।

कलरमेट के निदेशक आशीष गुप्ता बताते हैं कि हेयरफॉल इन दिनों लोगों के बीच होने वाली चिंताओं का प्रमुख कारण है। ऐसे में प्राकृतिक रंगों का उपयोग करने के काफी फायदे हैं जिनसे आकर्षक लुक तो मिलता ही है साथ ही बालों को नुकसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि बालों सम्बंधित समस्याओं को ध्यान में रखते हुए हमने नो अमोनिया हेयर केयर श्रृंखला बाजार में उतारी है, जो हिना के पोषण कलर हैं। 8 जरूरी हिमालयी जड़ी बूटियों; अरणिका, भ्रिंगराज, आंवला, शिकाकायी, हिबिस्कस, प्राकृतिक हिना, जटामानसी और ब्राहमी से समृद्ध यह रंग वर्तमान में, बाजार में एक बहुत ही अलग उपस्थिति दर्ज कराते हैं, क्योंकि जो कि प्राकृतिक हैं और किसी तरह का कैमिकल इनमें शामिल नहीं है। साथ ही हिना की मौजूदगी उपभोक्ताओं के लिए रंग विकल्पों में से एक विकल्प प्रदान करता है।

सफेद बालों को छिपाने और बालों को नया स्टाईल एवम् लुक देने के लिए हेयर कलर का चलन तेजी से बढ़ रहा है। महिलाओं के साथ पुरुष भी अपने बालों में कलर करा रहे हैं। यहां तक की मेहंदी के मुरीद लोग भी अब हेयर कलर की तरफ रूझान दिखा रहे हैं। ऐसे में मेहंदी को प्राकृतिक रंगों के साथ बदलना कितना उपयोगी है यह जान लेना जरूरी है क्योंकि बालों के साथ-साथ सिर की त्वचा पर भी कभी-कभी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसलिए अपने बालों की सेहत व उनको क्या जचता है जानना बहुत जरूरी है, कई बार मेहंदी से प्राकृतिक रंग की तरफ जाना त्वचा को नहीं जचता और बालों को नुकसान होता है। इसलिए कलर चुनते हुए पूरी तरह से उनका जांचे, परखें और अपनायें।

कुछ व्यक्तियों की त्वचा काफी सेंसीटिव होती है ऐसी श्रेणी वाले लोगों के लिए बालों का रंग अतिरिक्त नुकसान से जुड़ा होता है। उन्हें केवल प्राकृतिक रंगों का इस्तेमाल करना चाहिए और बाजार में उपलब्ध कलरमेट की नई रेंज लोगों के लिए एक नेचुरल हेयर कलर सोल्यूशन लाता है। इन कलर्स की कार्य प्रणाली अद्भुत है, यह बालों के आस-पास शील्ड बनाता है, एक सुरक्षात्मक कोटिंग देता है जिससे बालों को होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है। जबकि कैमिकल तत्वों वाली क्रीम से खुजली, सूजन आदि जैसी समस्यायें होने की सम्भावनायें अधिक हैं।

हम मानते हैं कि बालों का रंग व्यक्तित्व को बढ़ाता है लेकिन आज भी बहुत से लोगों को बालों के नुकसान का डर रहता है और वे इसका उपयोग करने से बचते हैं, जो कि गलत धारणा है। कलरमेट की पाउडर कलर रेंज इस संघर्ष को हल करते हुए लोगों को एक प्राकृतिक रंग उपाय प्रदान करता है, क्योंकि पाउडर कलर बालों व उपभोक्ताओं के लिए सर्वश्रेष्ठ व आसान उपाय हैं जो बालों एवम् जीवन को नई उमंग प्रदान करते हैं।

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