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4 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सर्दी-जुकाम की दवाओं पर प्रतिबंध, दवा निर्माताओं को भी दिए गए खास निर्देश

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: December 21, 2023 13:08 IST

नियामक ने 18 दिसंबर को एक आदेश जारी किया, जिसका सार्वजनिक रूप से बुधवार को खुलासा किया गया। इसमें कहा गया है कि दवा निर्माताओं को अपने उत्पादों पर चेतावनी के साथ लेबल लगाना अनिवार्य है कि फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) का उपयोग "4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।"

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ठळक मुद्देयह कदम कफ सिरप से विश्व स्तर पर कम से कम 141 बच्चों की मौत के मद्देनजर उठाया गया हैजिन दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है उनमें क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन शामिल दवा नियामक ने एंटी-कोल्ड ड्रग कॉम्बिनेशन पर प्रतिबंधों के बारे में आदेश 18 दिसंबर को जारी किया था

नई दिल्ली:  भारत के दवा नियामक ने एक बड़ा फैसला लेते हुए चार साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सर्दी-रोधी दवा संयोजन (सर्दी-जुकाम से बचाव के लिए इस्तेमाल की जाने वाली  दवाओं) के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया है। जिन दवाओं के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है उनमें क्लोरफेनिरामाइन मैलेट और फिनाइलफ्राइन शामिल हैं। 

यह कदम कफ सिरप से विश्व स्तर पर कम से कम 141 बच्चों की मौत के मद्देनजर उठाया गया है। दवा नियामक ने एंटी-कोल्ड ड्रग कॉम्बिनेशन पर प्रतिबंधों के बारे में आदेश 18 दिसंबर को जारी किया था। नियामक निकाय ने शिशुओं के लिए अस्वीकृत सर्दी-रोधी दवा फॉर्मूलेशन के प्रचार के संबंध में भी चिंता जाहिर की। 

बता दें कि यह अचानक से लिया गया फैसला नहीं है। यह निर्देश 2019 के बाद से भारत में घरेलू स्तर पर उत्पादित विषाक्त कफ सिरप से जुड़ी बच्चों की मौतों की एक श्रृंखला के बाद आया है।  पिछले साल के मध्य से गाम्बिया, उज्बेकिस्तान और कैमरून में कम से कम 141 बच्चों की मौत हुई थी। इसके लिए संबंधित सरकारों ने भारत में बने कफ सिरप को जिम्मेदार बताया था। इसकी जांच के लिए भारत सरकार ने समिति भी बनाई थी। 

विश्व स्तर पर कम से कम 141 बच्चों की मौतों के बाद भारत से फार्मास्युटिकल निर्यात की गुणवत्ता पर सवाल भी खड़े हुए थे। भारत दुनिया भर में सस्ती कीमतों पर दवाओं को बनाने के लिए जाना जाता है। इसी कारण इसे  "दुनिया की फार्मेसी" कहा जाता है। 

नियामक ने 18 दिसंबर को एक आदेश जारी किया, जिसका सार्वजनिक रूप से बुधवार को खुलासा किया गया।  इसमें कहा गया है कि दवा निर्माताओं को अपने उत्पादों पर चेतावनी के साथ लेबल लगाना अनिवार्य है कि फिक्स्ड-ड्रग कॉम्बिनेशन (एफडीसी) का उपयोग "4 साल से कम उम्र के बच्चों में नहीं किया जाना चाहिए।" 

बता दें कि विश्व स्वास्थ्य संगठन भी पांच साल से कम उम्र के बच्चों में खांसी और सर्दी के लक्षणों के इलाज के लिए ओवर-द-काउंटर खांसी सिरप या दवाओं के उपयोग की अनुशंसा नहीं करता है।

टॅग्स :भारतHealth and Family Welfare Departmentमोदी सरकार
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