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Patanjali Coronil facts: जानिये पतंजलि की कोरोना वायरस की दवा 'कोरोनिल' के 10 फैक्ट्स

By उस्मान | Updated: February 19, 2021 16:24 IST

पतंजलि ने दवा को लॉन्च करने के साथ शोध पेपर भी जारी किये हैं

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ठळक मुद्देकंपनी ने दवा के साथ शोध पेपर भी जारी कियेकंपनी का दावा, कोरोनिल पहली साक्ष्य-आधारित दवा पिछले साल जून में भी लॉन्च हुई थी दवा

योग गुरु बाबा रामदेव ने एक बार फिर अपनी दवा कोरोनिल (Coronil) लॉन्च किया है। इसे बनाने वाली रामदेव की कंपनी पतंजलि ने दावा किया कि यह कोविड-19 का मुकाबला करने वाली पहली साक्ष्य-आधारित दवा है।

कंपनी ने इस दवा को जून में भी लॉन्च किया था लेकिन तब इसके पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाणों की कमी थी। चलिए जानते हैं इस दवा से जुड़े फैक्ट्स- 

कोरोना की दवा कोरोनिल के फैक्ट्स

- हरिद्वार स्थित पतंजलि आयुर्वेद ने कहा कि कोरोनिल को अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रमाणन योजना के तहत आयुष मंत्रालय से प्रमाण पत्र मिला है। 

- कंपनी ने दावा किया कि यह कोविड-19 का मुकाबला करने वाली पहली साक्ष्य-आधारित दवा है। पतंजलि ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी की मौजूदगी में इसे लॉन्च किया. 

- पतंजलि के अनुसार कोरोनिल को केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के आयुष खंड से फार्मास्युटिकल प्रोडक्ट (सीओपीपी) का प्रमाण पत्र मिला है। सीओपीपी के तहत कोरोनिल को अब 158 देशों में निर्यात किया जा सकता है। 

- इस बारे में स्वामी रामदेव ने कहा कि कोरोनिल प्राकृतिक चिकित्सा के आधार पर सस्ते इलाज के रूप में मानवता की मदद करेगी। 

- आयुष मंत्रालय ने उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर कोरोनिल टैबलेट को 'कोविड-19 में सहायक उपाय' के रूप में मान्यता दी है। 

- पतंजलि ने आयुर्वेद आधारित कोरोनिल को पिछले साल 23 जून को पेश किया था, जब महामारी अपने चरम पर थी। उस समय इसके पक्ष में वैज्ञानिक प्रमाणों की कमी थी।

- इसके बाद आयुष मंत्रालय ने इसे सिर्फ 'प्रतिरक्षा-वर्धक' के रूप में मान्यता दी। कोरोनिल का विकास पतंजलि अनुसंधान संस्थान द्वारा किया गया है। कोरोनिल दवा का क्लिनिकल ट्रायल क्लिनिकल ट्रायल रजिस्ट्री- इंडिया (CTRI) से अनुमोदन के बाद आयोजित किया गया था। 

- कोरोनिल दवा को गिलोय, अश्वगंधा, तुसली, और विभिन्न अन्य खनिजों और घटकों सहित आयुर्वेदिक जड़ी बूटियों के मिश्रण से तैयार किया गया है। कोरोनिल किट में तीन दवाएं हैं जिनमें दो टैबलेट के रूप में और एक लिक्विड है। 

- दावा है कि कोरोनिल शरीर की श्वसन प्रणाली पर काम करता है क्योंकि कोरोनो वायरस श्वसन प्रणाली को प्रभावित करता है जिसके कारण मरीज सांस लेने की क्षमता खो देते हैं. 

- कोरोनिल में आयुर्वेदिक तत्व शरीर की आंतरिक प्रतिरक्षा में सुधार करते हैं और बुखार, खांसी, सर्दी सहित अन्य कोरोना लक्षणों से लड़ते हैं।

देश में कोरोना के मामले 1.63 करोड़ पार

भारत में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 1,09,63,394 हो गयी जबकि 1,06,67,741 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। संक्रमण के मामलों में वृद्धि के लिए विशेषज्ञ आर्थिक गतिविधियां बढ़ने और नियमों को लेकर लोगों की ढिलाई बरतने को भी जिम्मेदार मान रहे हैं। 

कोरोना से दम तोड़ने से मृतकों की संख्या 1,56,111 हो गयी है। कुल 1,06,67,741 लोग स्वस्थ हो चुके हैं जिससे ठीक होने की दर 97.30 प्रतिशत हो गयी है और मृत्यु दर 1.42 प्रतिशत है। 

देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या 1.5 लाख से नीचे हैं। कुल 1,39,542 मरीजों का उपचार चल रहा है, जो कि कुल मामलों का 1.27 प्रतिशत है। 

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, देश में 18 फरवरी तक 20,94,74,862 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की जा चुकी है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि मरने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक लोग गंभीर बीमारी से पीड़ित थे। 

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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