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Coronavirus Tips: गले और फेफड़ों में मोटा कफ भर देता है कोरोना, कफ को पिघलाकर गला साफ करेंगे ये 3 उपाय

By उस्मान | Updated: March 27, 2020 10:19 IST

यह मोटा कफ तीन दिनों तक गले में रहता है और इसके फेफड़ों में पहुंचने से परेशानियां शुरू होती हैं। बाद में शरीर के अंगों खासकर फेफड़ों पर अटैक करता है। यह किडनी, लीवर और फेफड़ों को डैमेज कर सकता है। 

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वैज्ञानिकों ने पाया है कि कोरोना वायरस सबसे पहले गले में जाता है और वहां वायरस को बढ़ाता है। वायरस की संख्या बढ़ने से गले और छाती में मोटा कफ जमने लगता है जिसकी वजह से सांस के जितने भी रास्ते हैं वो बंद होने लगते हैं जिस वजह से ऑक्सीजन अंदर नहीं पहुंच पाती है।

यह मोटा कफ तीन दिनों तक गले में रहता है और इसके फेफड़ों में पहुंचने से परेशानियां शुरू होती हैं। बाद में शरीर के अंगों खासकर फेफड़ों पर अटैक करता है। यह किडनी, लीवर और फेफड़ों को डैमेज कर सकता है। 

वायरस के शरीर में घुसने के बाद क्या होता है?जैसे ही वायरस के यह कण बढ़ने लगते हैं, तो वे बाहर निकलते हैं और वो गले के आसपास की कोशिकाओं को संक्रमित करते हैं। ऐसा होने से अक्सर गले में खराश और गले में सूखी खांसी शुरू होने लगती है। यह कण गले में ब्रोन्कियल ट्यूब यानी सांस के नालियों को धीमा करने लगते हैं। 

फेफड़ों की थैली को डैमेज करता है वायरसजब वायरस फेफड़ों में पहुंचता है, तो उनके श्लेष्म झिल्ली में सूजन हो जाती है। इससे एल्वियोली या फेफड़ों की थैली डैमेज हो सकती है। इतना ही नहीं इससे फेफड़ों को पूरे शरीर में घूमने वाले रक्त में ऑक्सीजन की आपूर्ति करने और रक्त से कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने में बाधा पैदा होती है। अगर यहां सूजन आती है, तो यह ऑक्सीजन को श्लेष्म झिल्ली में तैरने के लिए और अधिक कठिन बना देता है। 

फेफड़ों में भर जाता है पानी, मवादफेफड़ों की सूजन और ऑक्सीजन का प्रवाह बिगड़ने से फेफड़ों में द्रव, मवाद और मृत कोशिकाएं भर सकते हैं। इससे फेफड़ों की बीमारी निमोनिया हो जाती है।

काम करना बंद कर देते हैं फेफड़े, हो जाती है मौतकुछ लोगों को सांस लेने में इतनी परेशानी होती है कि उन्हें वेंटिलेटर पर रखने की जरूरत होती है। सबसे खराब मामलों में, एक्यूट रेस्पिरेटरी डिस्ट्रेस सिंड्रोम के रूप में जाना जाता है। इसमें फेफड़ों में इतने अधिक तरल पदार्थ से भर जाते हैं कि सांस ही नहीं आता है और रोगी की मृत्यु हो जाती है।

गले में जमा कफ को कैसे करें बेअसरगर्म पेय पदार्थअगर इस कफ को गले में ही बेअसर कर दिया जाए, तो इसे फेफड़ों में जाने से रोका जा सकता है। इसके लिए आपको गर्म पेय पदार्थों का सेवन बढ़ा देना चाहिए। इसके लिए आप गर्म चाय, कॉफ़ी, गर्म पानी, हल्दी के साथ गर्म पानी आदि का भरपूर सेवन कर सकते हैं। इससे गले में जमा कफ पिघलकर पेट में चला जाएगा। पेट में गैस्ट्रिक जूस होता है, जो उस कफ को बेअसर कर सकते हैं।

गर्म पानी के गरारेगले में जमा कफ को खत्म करने के लिए आप रोजाना नमक के पानी या हल्दी के पानी के गरारे कर सकते हैं। इन चीजों में एंटीसेप्टिक गुण होते हैं, जो कफ को खत्म करने में मदद कर सकते हैं। इसके अलावा आप बीटाडीन के भी गरारे कर सकते हैं। 

इम्युनिटी सिस्टम करें मजबूतकोरोना से बचने के लिए शरीर को मजबूत बनाना बेहद जरूरी है। अभी तक देखा गया है कि यह वायरस ऐसे लोगों को ज्यादा चपेट में ले रहा है जिनका इम्युनिटी सिस्टम कमजोर है। इसका मतलब यह है कि ऐसे लोगों जो बार-बार बीमार पड़ते हैं। इसके लिए आप रोजाना विटामिन सी से भरपूर खाद्य पदर्थों का सेवन कर सकते हैं।  

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