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कोरोना संकट के बीच भारत में फिर बढ़ा अफ्रीकी स्वाइन बुखार का प्रकोप, जानिये लक्षण और बचाव के तरीके

By उस्मान | Updated: September 24, 2020 12:01 IST

अफ्रीकी स्वाइन बुखार के लक्षण और कारण : इसके कुछ लक्षण कोरोना से मिलते-जुलते हैं, हालांकि इससे लोगों को कोई खतरा नहीं है

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ठळक मुद्देस्वाइन बुखार से प्रभावित इलाकों में करीब 12,000 सूअरों को मारने का आदेश असम में पहले भी देखने को मिले थे मामले

कोरोना वायरस महामारी के बीच भारत के असम जिले में एक बार अफ्रीकी स्वाइन बुखार ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने अफ्रीकी स्वाइन बुखार से बुरी तरह प्रभावित इलाकों में करीब 12,000 सूअरों को मारने का आदेश दिया है। इससे पहले मई में भी राज्य में करीब तीन हजार सूअरों को मारा गया था।

पशुपालन और पशु चिकित्सा विभाग को भी प्रभावित क्षेत्रों को संवेदनशील घोषित करने के लिए कहा ताकि स्वस्थ पशुओं को संक्रमण से बचाया जा सके और राज्य भर के सभी सरकारी खेतों का सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया। 

असम में मई में आया था पहला मामला

असम में इसका पहला मामला मई में सामने आया था। इसके बाद असम सरकार ने राज्य में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद 306 गांवों में 2,500 से अधिक सूअर मारने के आदेश दिए थे। 

क्या कोरोना से जुड़ा है अफ्रीकी स्वाइन फ्लू

असम के पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री अतुल बोरा ने कहा कि बताया कि इस बीमारी का कोविड-19 से कोई लेना-देना नहीं है। बोरा ने कहा, 'राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान (एनआईएचएसएडी) भोपाल ने पुष्टि की है कि यह अफ्रीकी स्वाइन फ्लू (एएसएफ) है।

देश में अफ्रीकी स्वाइन फ्लू का पहला मामला

उन्होंने कहा बताया कि केंद्र सरकार ने हमें बताया है कि यह देश में इस बीमारी का पहला मामला है। राज्य सरकार केंद्र से मंजूरी होने के बाद भी तुरंत सूअरों को मारने के बजाय इस घातक संक्रामक बीमारी को फैलने से रोकने के लिए कोई अन्य रास्ता अपनाएगी।

उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा 2019 की गणना के अनुसार सुअरों की कुल संख्या करीब 21 लाख थी लेकिन अब यह बढ़कर करीब 30 लाख हो गई है।

अफ्रीकी स्वाइन फ्लू क्या है What is African swine flu)

यूनाइटेड स्टेट डिपार्टमेंट ऑफ़ एग्रीकल्चर (यूएसडीए) के अनुसार, अफ्रीकी स्वाइन फ्लू एक अत्यधिक संक्रामक और घातक वायरल बीमारी है जो सभी उम्र के घरेलू और जंगली सूअरों को प्रभावित करती है। एएसएफ मानव स्वास्थ्य के लिए खतरा नहीं है और इसे सूअरों से मनुष्यों में प्रेषित नहीं किया जा सकता है। 

यह एक विनाशकारी और जानलेवा बीमारी है। इस बीमारी का कोई इलाज या टीका उपलब्ध नहीं है। इस बीमारी को रोकने का एकमात्र तरीका सभी प्रभावित झुंड को हटाना है।

एएसएफ दुनिया भर के देशों में पाया जाता है, खासकर उप-सहारा अफ्रीका में। हाल ही में, यह चीन, मंगोलिया और वियतनाम के साथ-साथ यूरोपीय संघ के कुछ हिस्सों में फैल गया है। यह संयुक्त राज्य में कभी नहीं पाया गया है।

अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के संकेत और लक्षण (signs and symptoms of ASF)

अफ्रीकी स्वाइन फ्लू के संकेत और लक्षणों में तेज बुखार, भूख में कमी, कमजोरी, त्वचा पर लाल धब्बे या घाव बनना, दस्त, उल्टी, खांसी और सांस लेने मे तकलीफ होना शामिल हैं। ऐसे संकेत दिखने पर आपको तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। इनमें से कुछ लक्षण कोरोना वायरस, सामान्य फ्लू की तरह है। इसलिए आपको और ज्यादा सतर्क होने की जरूरत है।  

क्या अफ्रीकी स्वाइन फ्लू इंसानों में भी फैलता है?

एएसएफ मनुष्यों को प्रभावित नहीं करता है और इसलिए अमेरिकी कृषि विभाग इसे एक सार्वजनिक स्वास्थ्य खतरा नहीं मानता है। यह केवल सूअरों को प्रभावित करने वाला एक वायरल रोग है। सूअर के मांस के संपर्क के माध्यम से एएसएफ को मनुष्यों तक नहीं पहुंचाया जा सकता है।

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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