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कोलकाता पुस्तक मेला समाप्त, अगले साल ‘बंगबंधु’ को होगा समर्पित, CAA विरोध से लेकर जानें मेले की खास बातें

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: February 10, 2020 13:05 IST

कोलकाता पुस्तक मेले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के एक स्टॉल पर आने के बाद सीएए विरोधियों और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई।

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ठळक मुद्देइस साल कोलकात पुस्तक मेला 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चला। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अगले साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाले 45वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन करेंगी।

कोलकात में इस साल आयोजित अंतर्राष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेला 9 फरवरी को समाप्त हो गया था। कोलकाता में अगले साल आयोजित होने वाला पुस्तक मेला बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान को समर्पित होगा और इसमें बांग्लादेश एवं भारत के संबंधों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इस साल के पुस्तक मेले के अंत में यह घोषणा की गई। बता दें कि इस साल कोलकात पुस्तक मेला 29 जनवरी से 9 फरवरी तक चला। 

बांग्लादेश के संस्कृति मामलों के मंत्री के एम खालिद ने बताया कि रहमान की बेटी एवं बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना अगले साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में आयोजित होने वाले 45वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले का उद्घाटन करेंगी।

 ‘पब्लिशर्स एंड बुकसेलर्स गिल्ड’ के अध्यक्ष त्रिदिब चटर्जी ने कहा कि 2021 कोलकाता पुस्तक मेला ‘बांग्लादेश के राष्ट्रपिता’ को उनकी जन्मशती पर सम्मानित करना और भारत एवं बांग्लादेश के बीच मजबूत संबंधों को दर्शाना चाहता है। चटर्जी ने बताया कि इस साल 12 दिवसीय मेले में 25 लाख से अधिक लोग आए और पुस्तकों की करीब 23 करोड़ रुपए की खरीदारी हुई जो एक रिकॉर्ड है।

कोलकाता पुस्तक मेला: सीएए विरोधियों और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प

कोलकाता पुस्तक मेले में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता के एक स्टॉल पर आने के बाद सीएए विरोधियों और भाजपा समर्थकों के बीच झड़प हो गई। यह झड़प तब शुरू हुई जब पश्चिम बंगाल के भाजपा नेता राहुल सिन्हा 44वें अंतरराष्ट्रीय कोलकाता पुस्तक मेले में आए। वाम समर्थित छात्रों के एक वर्ग ने सिन्हा को घेर लिया और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) तथा राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के विरोध में नारे लगाए। 

पुलिस ने घटना की पुष्टि की और कहा कि कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। भाजपा समर्थकों ने दावा किया कि इस झड़प में उनका एक साथी घायल हुआ है। सिन्हा ने कहा, ‘‘लोगों ने उन्हें (वाम दल) अस्वीकार कर दिया है। उनसे लड़ाई करके हम उन्हें चर्चा में आने का मौका नहीं देंगे। हमारा झगड़ा तृणमूल से है।’’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट)

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