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कोरोना संकटः इस साल IIT Bombay नहीं करवाएगा फेस-टू-फेस लेक्चर, ऐसा करने वाला बना देश का पहला संस्थान

By रामदीप मिश्रा | Updated: June 25, 2020 11:36 IST

IIT Bombay: आईआईटी बॉम्बे व्यापक ऑनलाइन कक्षाओं के विवरणों की योजना बना रहा है। इसकी जानकारी सभी छात्रों को समय के साथ दी जाएगी। अब एक साल तक सभी कक्षाएं ऑनलाइन आयोजित होंगी।

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ठळक मुद्देIIT Bombay ने इस साल फेस-टू-फेस होने वाले सभी लेक्चर को स्थगित कर दिया है।इसकी जानकारी बीती रात एक फेसबुक पोस्ट के जरिए आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने दी है।

नई दिल्लीः कोरोना वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। लाख कोशिशों के बाजवजूद भी संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, बॉम्बे (IIT Bombay) ने इस साल फेस-टू-फेस होने वाले सभी लेक्चर को स्थगित कर दिया है, जिसके बाद वह ऐसा करने वाला पहला प्रमुख संस्थान बन गया है। इस बात की जानकारी बीती रात एक फेसबुक पोस्ट के जरिए आईआईटी बॉम्बे के निदेशक प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने दी है और उन्होंने कहा कि यह निर्णय लंबे विचार-विमर्श के बाद लिया गया है।

प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने कहा, 'IIT बॉम्बे के लिए, छात्र पहली प्राथमिकता हैं। भारत में हमने पहला कदम उठाते हुए यह निर्णय लिया कि अगले सेमेस्टर को पूरी तौर से ऑनलाइन चलाया जाएगा ताकि छात्रों की सुरक्षा और भलाई से कोई समझौता न हो।'

उन्होंने कहा, 'COVID महामारी ने हमें IIT बॉम्बे को पढ़ाने के तरीकों पर पुनर्विचार करने पर मजबूर कर दिया है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि हमारे छात्र शैक्षणिक वर्ष को और अधिक देरी के बिना शुरू करें, हम व्यापक ऑनलाइन कक्षाओं के विवरणों की योजना बना रहे हैं, जो सभी छात्रों को समय के साथ सूचित किया जाएगा। 

आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को लैपटॉप उपलब्ध करवाएगा संस्थान

उन्होंने कहा कि हमारे छात्रों का एक बड़ा वर्ग आर्थिक रूप से कम संपन्न परिवारों से आता है और उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं को लेने के लिए आईटी हार्डवेयर (यानी लैपटॉप और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी) से लैस करने में मदद की आवश्यकता होगी।'

'जरूरतमंद छात्रों की करेंगे साहयता'

प्रोफेसर सुभासिस चौधरी ने छात्रों से अपील कर कहा, 'हम आपके समर्थन चाहते हैं ताकि बिना किसी बाधा या देरी के आपकी शिक्षा जारी रखने में मदद मिल सके। हम नहीं चाहते कि एक भी छात्र पैसे की कमी के चलते पढ़ाई न सकें। हमने अनुमान लगाया है कि हमें उन जरूरतमंद छात्रों की मदद के लिए लगभग 5 करोड़ रुपये की आवश्यकता है। हमारे पूर्व छात्रों ने अच्छी मात्रा में सहायता की है, लेकिन यह इन सभी जरूरतमंद छात्रों के लिए पर्याप्त नहीं है और मैं इस संदेश के माध्यम से आपसे डोनेशन का आग्रह करता हूं, हालांकि यह छोटा हो सकता है। मुझे यकीन है कि भविष्य में आपके परोपकार के ये लाभार्थी हमारे राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।'

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