लाइव न्यूज़ :

कासगंज: सामान्य हालात के बाद भी हाई अलर्ट पर पुलिस, जानें मायावती से लेकर अखिलेश यादव तक ने क्या कहा

By पल्लवी कुमारी | Updated: January 29, 2018 13:39 IST

कासगंज में गणतंत्र दिवस पर भड़की हिंसा के बाद अब हालात धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं। यूपी पुलिस ने अब तक इस मामले में 112 लोगों को गिरफ्तार किया है।

Open in App

उत्तर प्रदेश के कासगंज में गणतंत्र दिवस पर भड़की हिंसा के बाद अब  हालात धीरे-धीरे काबू में आ रहे हैं। यूपी पुलिस ने अब तक इस मामले में 112 लोगों को गिरफ्तार किया है। जिसमें 31 लोग नामजद हैं और बाकी के 81 लोगों को पुलिस ने सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए गिरफ्तार किया है।  इस मामले पर उतर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने इस हिंसा में मारे गए युवक के परिजनों के लिए 20 लाख रुपये के मुआवजे का ऐलान भी किया है। हालात काबू में आने के बाद भी युपी पुलिस अभी भी हाई अलर्ट पर रही है। पूरे कासगंज में पुलिस सड़कों पर आगाजनी कर रही है। 

हिंसा के दोषियों को नहीं बख्शा जाएगा

प्रदेश के उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी कासगंज में हुई घटना को दुखद बताते हुए इसकी कड़ी निन्दा की है। उन्होंने कहा कि जो लोग भी इसके लिए दोषी हैं, उनमें से किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद हालात की समीक्षा की है। अपराधी चाहे जितना बड़ा या प्रभावशाली हो, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कानून व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है। जनपद कासगंज शहर में धारा 144 सीआरपीसी लागू है।

20 लाख नहीं 50 लाख मुआवजा दे योगी सरकार

इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी ट्वीट के जरिए योगी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा है कि कासगंज की हिंसा दु:खद! मृत युवक के परिजनों को पचास लाख रुपये मुआवज़ा एवं घायलों के उपचार का प्रबंध करे सरकार। जान माल की सुरक्षा के साथ जनता के नुक़सान की भरपाई का हो इंतज़ाम। दबिश और कार्रवाई के नाम पर निर्दोषों पर ना हो अत्याचार।

कहां गया प्रदेश का कानून का राज

मायावती ने भी इस मामले में योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा था कि  सत्ताधारी भाजपा एंड कंपनी का अब तो हर स्तर पर घोर अपराधीकरण हो गया है। भाजपा शासित राज्यों में लोग रहना नहीं चा रहे हैं, लोग अपनी जान-माल बचाने की फिक्र में हैं। खासकर उत्तर प्रदेश में कानून का राज न होकर जंगलराज जैसा पूरा माहौल बन गया है।

गौरतलब है कि कासगंज में गणतंत्र दिवस के दिन तिरंगा यात्रा के दौरान भड़की हिंसा शांत हो गई है। पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 112 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। वहीं तिरंगा यात्रा के दौरान युवक चंदन गुप्ता की हत्या के कथित आरोपी शकील के घर पुलिस ने छानबीन के दौरान उसके घर से देशी बम और पिस्तौल बरामद की गई थी। हालांकि शकिल अभी भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस ने पूरे शहर में रविवार को धारा 144 लागू कर दी थी। रविवार रात 10 बजे तक एहतियातन इंटरनेट सेवा भी बंद रही।

टॅग्स :उत्तर प्रदेशउत्तर प्रदेश समाचारयूपी क्राइमयोगी आदित्यनाथमायावतीअखिलेश यादव
Open in App

संबंधित खबरें

भारतबाबा विश्वनाथ और ‘काशी कोतवाल’ काल भैरव में दर्शन-पूजन, सीएम योगी आदित्यनाथ पहुंचे मंदिर, वीडियो

ज़रा हटकेबनारस में सीएम यादव श्री राम भंडार में रुके और कचौड़ी, पूरी राम भाजी और जलेबी का स्वाद लिया?, वीडियो

क्राइम अलर्टAndhra Pradesh: सरकारी महिला कर्मचारी से दरिंदगी की हदें पार, चाकू की नोक पर लूटी अस्मत, गुप्तांगों में डाली लोहे की रॉड

क्राइम अलर्टसवाल है कि सिस्टम ने आंखें क्यों मूंद रखी थीं ?

भारतवाराणसी का रोम-रोम हुआ रोमांचित, दर्शकों ने देखा कैसा था सम्राट विक्रमादित्य का सुशासन, देखें Photos

क्राइम अलर्ट अधिक खबरें

क्राइम अलर्टफोन, पेनड्राइव और टैबलेट में 121 अश्लील वीडियो?, रवींद्र गणपत एरंडे ने सरकारी नौकरी का वादा कर अलग-अलग होटल में कई महिलाओं का यौन शोषण किया

भारतLPG Cylinder Update: सिलेंडर के लिए अब लंबी वेटिंग खत्म! दिल्ली में बस ID कार्ड दिखाओ और 5KG सिलेंडर पाओ

क्राइम अलर्टखुले कुएं में गिरी कार, परिवार के 9 सदस्यों की गई जान, समारोह में शामिल होने के बाद घर लौट रहे थे, वीडियो

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्राइम अलर्टबेटे की चाहत, 2 बेटी उमेरा-आयशा और 26 वर्षीय पत्नी फरहत को स्विमिंग पूल में गिराकर मार डाला?, फरहत तीसरी बार गर्भवती और पेट में बेटी पल रही थीं?