Bihar cyber fraud: बिहार में निःसंतान महिलाओं को गर्भवती करने के बदले मिलेंगे 10 लाख, सैकड़ों हो रहे हैं ठगी का शिकार
By एस पी सिन्हा | Updated: January 10, 2026 14:58 IST2026-01-10T14:58:42+5:302026-01-10T14:58:48+5:30
Bihar cyber fraud: नवादा के जालसाज अब डिजिटल धोखाधड़ी की ओर मुड़ गए हैं। उनके हाथों में पिस्तौल नहीं, बल्कि स्मार्टफोन हैं।

Bihar cyber fraud: बिहार में निःसंतान महिलाओं को गर्भवती करने के बदले मिलेंगे 10 लाख, सैकड़ों हो रहे हैं ठगी का शिकार
Bihar cyber fraud: बिहार में साइबर फ्रॉड का नित नया पैंतरा अपनाकर ठगी करने लगे हैं। इसी कडी में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा नया तरीका अपनाया है, जिसने पुलिस के साथ-साथ आम लोगों को भी हैरानी में डाल दिया है। ठगों ने निःसंतान महिलाओं की संवेदना और सेक्स के लिए लालायित रहने वालों की बेचैनी को हथियार बना लिया। ठगों ने निःसंतान दंपतियों की संवेदनाओं और जरूरतों को निशाना बनाकर 'ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस' का नाम दे कर ठगी के धंधे में जुट गए थे।
यहां निःसंतान महिलाओं को गर्भवती कराने के बदले 10 लाख रुपये देने का झांसा दिया जाता था। इसी कडी में बिहार के नवादा जिले में ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब और प्लेबॉय सर्विस के नाम पर लाखों की ठगी की।
पुलिस ने हिसुआ थाना क्षेत्र से दो साइबर ठगों रंजन कुमार और एक नाबालिग को पकड़ा है। आरोपितों ने एक निःसंतान महिला को प्रेग्नेंट कर दस लाख कमा का झांसा दिया और कई लोगों से रजिस्ट्रेशन शुल्क, वीडियो और डॉक्यूमेंट्स के बहाने लाखों की ठगी कर ली।
इनके मोबाइल चैट से सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। गिरफ्तार आरोपितों के पास से फर्जी सिम, ग्राहक डेटा, क्यूआर कोड और लेन-देन का पूरा विवरण बरामद हुआ। इसमें बिहार के वैशाली का रहने वाला 27 वर्षीय मजदूर 'ऑल इंडिया प्रेग्नेंट जॉब सर्विस' नामक एक बड़े साइबर घोटाले का शिकार हो गया। इस घोटाले के कर्ता-धर्ता नवादा जिले के गांवों से हैं, जो भारत के नए जामतारा के रूप में उभर रहा है। ठगी का शिकार हुआ मुकेश कुमार कई हफ्तों से उस महिला का इंतजार कर रहा था, जिसे वह गर्भवती करने वाला था और उसे मिलने वाले 15 लाख रुपये के वादे का भी। मुकेश कुमार ने कहा कि मेरी पत्नी तीन महीने बाद हमारे पहले बच्चे को जन्म देने वाली थी और मैंने सोचा कि मैं इस समय और पैसे का सदुपयोग कर सकता हूं।
लेकिन इसके बजाय, उन्होंने अपनी सारी बचत खो दी। उनके फोन की कॉलर ट्यून का धोखाधड़ी वाली कॉलों से सावधान करने वाला अलार्म होना उनके लिए विडंबनापूर्ण है। मुकेश उन सैकड़ों युवकों में से एक है जिन्होंने फेसबुक पर वायरल हो रहे एक विज्ञापन पर क्लिक किया, एक महिला की तस्वीर जिस पर लिखा था 'मुझे कॉल करें'।
#Bihar | A cybercrime gang was busted in Nawada district for running a fraudulent scheme that promised young men Rs 10 lakh to impregnate women. The gang lured victims into paying a registration fee before disappearing with the money.
— The Times Of India (@timesofindia) January 10, 2026
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विज्ञापन में कहा गया था कि किसी भारतीय महिला को गर्भवती करने पर 15 लाख रुपये मिलेंगे। अगर आप सफल नहीं भी होते हैं, तो भी आपको कुछ लाख रुपये मिलेंगे। बताया जाता है कि इन अपराधियों में बेरोजगार लेकिन तकनीक-प्रेमी युवा शामिल हैं, जिनमें से कुछ की उम्र मात्र 16 वर्ष है। वे आधुनिक एयर-कंडीशन्ड दफ्तरों या कॉल सेंटर जैसी सुविधाओं से अपना काम नहीं चला रहे हैं। वे सस्ते चीनी फोन का इस्तेमाल कर रहे हैं। उनके दफ्तर नवादा जिले के चकवाई, सिमरी और समाई गांवों में स्थित झोपड़ियां, खेत और बाग हैं और वे पुलिस को खूब छका रहे हैं।
नवादा के साइबर पुलिस स्टेशन की प्रमुख डीएसपी प्रिया ज्योति इस घोटाले की तुलना कई सिरों वाले हाइड्रा से करती हैं। उनकी टीम ने एक दर्ज से अधिक ठगों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि आप ऐसे विचित्र मामलों में सौ लोगों को गिरफ्तार कर सकते हैं और फिर भी आपको 101वां व्यक्ति मिल जाएगा जो घोटाले का नाम इस्तेमाल करके पैसे वसूल रहा होगा।
उन्होंने बताया कि आरंभिक जांच में पता चला कि सिम पश्चिम बंगाल और गुजरात के लाभुकों के नाम से जारी किए गए थे। पुलिस ने गिरोह के दो सरगनाओं के नाम उजागर किए। उनके निर्देश पर आरोपित धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे। चार लोगों के खिलाफ संगठित धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2000 के दशक की शुरुआत में अखबारों, पर्चों और पत्रिकाओं में रामबाण और ऊर्जा बढ़ाने वाले कैप्सूलों के विज्ञापन भरे पड़े थे, जिनमें असल में आटा भरा होता था। लेकिन टेलीग्राम, फेसबुक और व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म ने धोखाधड़ी का स्वरूप बदल दिया है। नवादा के जालसाज अब डिजिटल धोखाधड़ी की ओर मुड़ गए हैं। उनके हाथों में पिस्तौल नहीं, बल्कि स्मार्टफोन हैं।
यह जिला झारखंड के जामताड़ा, हरियाणा के मेवात और राजस्थान के भरतपुर जैसे अन्य साइबर अपराध केंद्रों से प्रतिस्पर्धा कर रहा है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया या फोन कॉल पर मिलने वाले ऐसे किसी भी लुभावने और संदिग्ध जॉब ऑफर के झांसे में न आएं। किसी भी अनजान व्यक्ति को 'रजिस्ट्रेशन' या 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर पैसे न भेजें, क्योंकि यह पूरी तरह से धोखाधड़ी का हिस्सा है।