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अलवर मॉब लिंचिंग: पुलिस अफसर ने माना रकबर को अस्पताल ले जानें में हुई देरी, वीडियो हुआ वायरल

By भाषा | Updated: July 23, 2018 20:35 IST

पुलिस और अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार शनिवार घटित घटना की जानकारी पुलिस को 12.41 बजे दी गई । घटना स्थल पर पुलिस 1.15 बजे पहुंची। पुलिस अकबर खान को लेकर 4 बजे अस्पताल पहुंची।

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जयपुर, 23 जुलाई (भाषा) राजस्थान के अलवर जिले में कथित गोतस्करी की घटना के मामले में पुलिस के सहायक उप निरीक्षक द्वारा मृतक रकबर उर्फ रकबर खान को अस्पताल ले जाने में पुलिस द्वारा की गई देरी को स्वीकार करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है । इसके बाद गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने पुलिस की लापरवाही होने पर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।वीडियो में रामगढ़ थाने में तैनात सहायक उप निरीक्षक मोहन सिंह यह कहते हुए दिखाई दे रहें है कि 'मेरे से गलती हो गई.....कैसे भी मान लो....सजा दे दो या छोड़ दो....सीधी सी बात है।' गौरतलब है कि मारपीट के शिकार रकबर खान को रामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पहुंचाने में हुई देरी के पुलिस पर लगे आरोपों के कुछ घटे बाद ही यह वीडियो वायरल हुआ। पुलिस और अस्पताल के रिकार्ड के अनुसार शनिवार घटित घटना की जानकारी पुलिस को 12.41 बजे दी गई । घटना स्थल पर पुलिस 1.15 बजे पहुंची। पुलिस अकबर खान को लेकर 4 बजे अस्पताल पहुंची। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया ।हालांकि, इस बारे में भाजपा सांसद सी आर चौधरी ने अलवर घटना के बाद पुलिस कार्रवाई में हुई देरी के आरोपों पर कहा कि इसका मतलब यह नहीं कि पुलिस ने कुछ नहीं किया । पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और घायल को तुरंत अस्पताल पहुंचाया। कभी कभी मीडिया से सही जानकारी नहीं मिलती। मुझे नहीं लगता कि पुलिस ने तत्परता से कोई कार्यवाही करने में कोई लापरवाही की है ।इस बीच प्रदेश के गृहमंत्री गुलाब चंद कटारिया ने स्पष्ट किया कि पुलिस की ओर से कोई लापरवाही हुई है तो दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी । मामले में तीन—चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अलवर मॉब लिंचिंग पर गुस्सा जाहिर करते हुए ट्वीट किया, 'अलवर मॉब लिंचिंग में पीड़ित मरते रकबर खान को अस्पताल ले जाने में 3 घंटे लगे। क्यों? क्योंकि उन्होंने रास्ते में टी-ब्रेक लिया था। ये मोदी का 'न्यू इंडिया' है जहां मानवता से बड़ी नफरत है और लोगों को मरने के लिए छोड़ दिया जाता है।'

राहुल गांधी ने डेक्कन क्रॉनिकल की एक खबर का संदर्भ भी दिया। रिपोर्ट में लिखा है कि अलवर मॉब लिंचिंग पीड़ित को अस्पातल पहुंचाने से पहले गाय को गौशाला पहुंचाया गया और रास्ते में पुलिस वालों ने टी-ब्रेक लिया। जब तक पुलिस रकबर को लेकर अस्पताल पहुंची उसकी मौत हो चुकी थी।

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