Wayanad: केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) प्रमुख सनी जोसेफ ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस को वायनाड पुनर्वास के लिए खोले गए खाते में लगभग 5.38 करोड़ रुपये प्राप्त हुए और उसने इन धनराशि का उपयोग भूस्खलन पीड़ितों के लिए घर बनाने के मकसद से जमीन खरीदने में किया है। जोसेफ ने कहा कि उनके और विपक्ष के नेता वी. डी. सतीशन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित खाते में जितनी धनराशि प्राप्त हुई उसके अलावा युवा कांग्रेस ने भी पुनर्वास प्रयासों के लिए लगभग 1.05 करोड़ रुपये एकत्र किए। केपीसीसी प्रमुख ने यहां प्रेसवार्ता में कहा, ‘‘इकट्ठा की गई राशि का इस्तेमाल वायनाड में दो चरणों में जमीन खरीदने के लिए किया गया, ताकि जुलाई 2024 के भूस्खलन में अपनी संपत्ति खोने वालों के लिए घर बनाए जा सकें। इस भूस्खलन की घटना में 200 से अधिक लोगों की जान चली गई थी।’’
उन्होंने बताया कि पहले चरण में तीन एकड़ और 24.5 सेंट जमीन करीब 3.68 करोड़ रुपये में खरीदी गई, जबकि दूसरे चरण में दो एकड़ और 15 सेंट जमीन 2.5 करोड़ रुपये से अधिक में ली गई। सेंट, भूमि की एक माप है, प्रत्येक सेंट करीब 40.46 वर्ग मीटर का होता है। जमा की गई धनराशि कम पड़ गई, जिसके बाद केपीसीसी के अपने खाते से अतिरिक्त 97 लाख रुपये खर्च किए।
जोसेफ ने कहा कि दूसरी जमीन की खरीद से संबंधित पंजीकरण और अन्य औपचारिकताओं के लिए 73 लाख रुपये की और आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि सभी लेन-देन बैंक खातों के माध्यम से किए गए थे। जोसेफ ने कहा, ‘‘कांग्रेस को खुद ही जमीन खरीदनी पड़ी, क्योंकि राज्य सरकार ने मकानों के निर्माण के लिए कोई भूमि आवंटित नहीं की थी।’’
यह खुलासा ऐसे समय में किया गया है, जब वाम मोर्चा वायनाड पुनर्वास के लिए कांग्रेस द्वारा एकत्रित राशि और उसके उपयोग के संबंध में बार-बार सवाल उठा रहा है। जोसेफ ने आरोप लगाया कि वाम दलों ने कांग्रेस और संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के खिलाफ ‘‘संदेह का माहौल बनाने’’ के मकसद से वायनाड सांसद प्रियंका गांधी और विधायक टी. सिद्दीकी के कार्यालयों तक मार्च निकाला। जोसेफ ने इसके अलावा कहा कि कांग्रेस ने कन्नूर में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए केरल के मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) से हस्तक्षेप की मांग की है।