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मुश्किल में दूरसंचार क्षेत्र की दो प्रमुख कंपनियां, 73, 966 करोड़ रुपये का हुआ नुकसान

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: November 15, 2019 08:41 IST

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की बात करें तो उसे चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है। इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की शुद्ध आय 119 करोड़ रुपये थी।

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ठळक मुद्देवोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल दोनों को कुल 73, 966 करोड़ रुपये का नुकसानवोडाफोन आइडिया को दूसरी तिमाही में 50, 921 करोड़ रुपये का हुआ है नुकसान

चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में दूरसंचार क्षेत्र की कंपनी वोडाफोन आइडिया और भारती एयरटेल दोनों को कुल मिलाकर करीब 73, 966 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दोनों कंपनियों का कहना है कि समायोजित सकल आय (एजीआर) पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बकाया सांविधिक देनदारियों के लिए भारी खर्च के प्रवधान के चलते भारी नुकसान उठाना पड़ा है। वोडाफोन आइडिया को दूसरी तिमाही में 50, 921 करोड़ रुपये और भारती एयरटेल को 23, 045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

वोडाफोन आइडिया ने गुरुवार को कहा कि वह कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दाखिल करने जा रही है। कंपनी ने ये भी कहा कि उसका कारोबार चल पाना सरकार की ओर से राहत और कानूनी मसलों के सकारात्मक समाधान पर निर्भर करेगा। कंपनी ने एक बयान में कहा कि एजीआर पर कोर्ट के फैसले का दूरसंचार उद्योग की वित्तीय स्थिति पर बड़े प्रभाव पड़ेंगे।

दूरसंचार कंपनी भारती एयरटेल की बात करें तो उसे चालू वित्त वर्ष की जुलाई-सितंबर तिमाही में 23,045 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।  इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में कंपनी की शुद्ध आय 119 करोड़ रुपये थी। हालांकि कंपनी का कहना है कि इन आंकड़ों की तुलना नहीं की जा सकती है, क्योंकि उसने एकाउंटिंग के लिये नई प्रणाली को अपनाया है। भारती एयरटेल ने एक बयान में कहा कि समीक्षावधि में उसकी एकीकृत आय 4.7 प्रतिशत बढ़कर 21,199 करोड़ रुपये रही। कंपनी ने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले से उस पर वित्तीय दबाव बढ़ा है। 

बयान में कहा गया है, ‘कंपनी राहत मिलने को लेकर आशान्वित है। लेकिन ऐसा नहीं होने की स्थिति में कंपनी ने समीक्षावधि के लिए एजीआर की परिभाषा के अनुरूप स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क और कोर्ट के फैसले के आधार पर आकलित लाइसेंस शुल्क के लिए अलग से 28,450 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।’ 

कंपनी ने कहा कि इसमें 6,164 करोड़ रुपये का मूलधन, 12,219 करोड़ रुपये का ब्याज, 3,760 करोड़ रुपये का जुर्माना और 6,307 करोड़ रुपये का जुर्माना राशि पर ब्याज शामिल है। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने सुप्रीम कोर्ट ने दूरसंचार कंपनियों की गैर-दूरसंचार सेवा से होने वाली आय को उनकी एकीकृत सकल आय में शामिल करने की सरकार की परिभाषा को मान्य करार दिया। इसके चलते भारती एयरटेल और वोडाफोन आइडिया को सरकार को भारी मात्रा में बकाया चुकाने का दबाव बढ़ गया है।

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