लाइव न्यूज़ :

खाद्य प्रसंस्करण का स्तर मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाया जाना चाहिए: मंत्री

By भाषा | Updated: August 27, 2021 19:26 IST

Open in App

खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने शुक्रवार को भारत में प्रसंस्करण के स्तर को मौजूदा 10 प्रतिशत से बढ़ाने पर जोर दिया ताकि किसानों की आय को बढ़ावा दिया जा सके। उद्योग मंडल एसोचैम द्वारा आयोजित एक आभासी सम्मेलन को संबोधित करते हुए, मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग हमेशा ‘‘भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास का इंजन’’ रहा है। पारस ने कहा, ‘‘भारत का खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र दुनिया में सबसे बड़े क्षेत्रों में से एक है और इसका उत्पादन वर्ष 2025-26 तक 535 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।’’ उन्होंने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र भारतीय सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में 12.8 प्रतिशत का योगदान देता है और प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भारी संख्या में रोजगार मुहैया कराता है। यह बताते हुए कि भारत में खाद्य प्रसंस्करण का मौजूदा स्तर सिर्फ 10 प्रतिशत है, पारस ने कहा कि बाजार के अवसरों पर कब्जा करने और किसानों के लिए आय की स्थिति में सुधार के लिए प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाने की जरूरत है। मंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछले सात वर्षों में सरकार ने प्रसंस्करण स्तर को बढ़ावा देने और इस क्षेत्र को विकसित करने के लिए कई उपाय किए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि पीएमकेएसवाई (प्रधान मंत्री किसान संपदा योजना) के तहत, देश भर में 42 मेगा फूड पार्क, 353 कोल्ड चेन परियोजनाओं, 63 कृषि-प्रसंस्करण क्लस्टर, 292 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, 62 बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज निर्माण परियोजनाओं और छह ऑपरेशन ग्रीन परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी है। मंत्री ने कहा कि घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय किसानों को उपभोक्ताओं से जोड़ने में खाद्य प्रसंस्करण की महत्वपूर्ण भूमिका है। भारत में खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र ने अप्रैल 2000-मार्च 2017 की अवधि के दौरान लगभग 7.54 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्राप्त किया है। पारस ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को महामारी के दौरान विभिन्न चुनौतियों का सामना करना पड़ा जैसे कि श्रम की कमी, लॉकडाउन के कारण आपूर्ति श्रृंखला का अंतराल इत्यादि। उन्होंने कहा कि कारखानों को बंद कर दिया गया और सामग्री का भारी नुकसान हुआ। हालांकि, मंत्री ने कहा कि महामारी ने देश में खाद्य सुरक्षा और खाद्य अधिशेष के प्रबंधन के महत्व को बढ़ा दिया है। इस आभासी कार्यक्रम में एसोचैम के एफएमसीजी परिषद के अध्यक्ष अनिल राजपूत तथा पेप्सीको के सार्वजनिक, नीति एवं सरकारी मामला विभाग के निदेशक एवं एसोचेम के वरिष्ठ वरिष्ठ सदस्य हिमांशु प्रियदर्शी ने भी भाग लिया।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतराष्ट्रीय लोक जनशक्ति पार्टीः बाहुबली सूरजभान सिंह के छोटे भाई पूर्व सांसद चंदन सिंह नए अध्यक्ष?, पशुपति कुमार पारस ने किया ऐलान

भारतपशुपति कुमार पारस से मिले राजद नेता सूरजभान सिंह, दही-चूड़ा भोज में शिरकत, बिहार विधानसभा चुनाव के बाद सियासी समीकरण में बदलाव

भारतबिहार महागठबंधनः कहां फंस रहा पेंच?, आज दिल्ली में बैठक, 1-2 दिन में सीट बंटवारे पर फैसला, कांग्रेस को नहीं मिलेंगी 70 सीट

भारतरामविलास पासवान की पुण्यतिथिः पशुपति कुमार पारस ने किया प्रण?, चिराग पासवान को सभी सीट पर मात दूंगा, परिवार में दरार और बढ़ी

भारततेजस्वी यादव के साथ मिलकर लड़ेंगे चुनाव और भतीजे चिराग पासवान को सीएम देखना चाहते हैं चाचा पशुपति कुमार पारस?, बिहार में सियासी हलचल

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारकमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की मांग की, कहा-मध्य प्रदेश जनता सबसे ज्यादा टैक्स दे रही है

कारोबारकिउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजनाः 54 किमी और 962 करोड़ रुपये खर्च?, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- यात्री आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती

कारोबारबेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस शुरू, देखिए रूट, समय और टिकट की कीमत, तुमकुरु, हुबली, बेलगावी, सांगली, कराड, सतारा, लोनांद, पुणे, लोनावला, कल्याण और ठाणे सहित 15 स्टेशनों पर रुकेगी

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 19 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार800 करोड़ रुपये खर्च, लाखों कर्मचारी को तोहफा?, 5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोगों के तहत कर्मचारियों के महंगाई भत्ता डीए के बकाया भुगतान को मंजूरी