लाइव न्यूज़ :

रिजर्व बैंक ने बैंक लॉकर किराये पर लेने के नियमों में संशोधन किया, पारदर्शिता सुनिश्चित करने को कहा

By भाषा | Updated: August 18, 2021 19:38 IST

Open in App

भारतीय रिजर्व बैंक ने बैंक लॉकर किराये पर लेने से संबंधित दिशानिर्देशों में संशोधन किया है। नए दिशानिर्देशों के तहत आग लगने की घटना, चोरी, इमारत ढहने तथा बैंक कर्मचारियों द्वारा धोखाधड़ी के मामलों में लॉकर को लेकर बैंक का दायित्व उसके सालाना किराये के 100 गुना तक सीमित रहेगा। लॉकरों के बारे में संशोधित दिशानिर्देश एक जनवरी, 2022 से लागू होंगे। बैंकों को लॉकर करार में एक प्रावधान शामिल करना होगा जिसमें तहत लॉकर किराये पर लेने वाला व्यक्ति उसमें कोई भी गैरकानूनी या खतरनाक सामान नहीं रख सकेगा। रिजर्व बैंक ने कहा कि उसने बैंकिंग और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में विभिन्न घटनाक्रमों, उपभोक्ता शिकायत की प्रकृति और बैंकों और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर ‘बैंकों द्वारा प्रदान की जाने वाली जमा लॉकर/सुरक्षित अभिरक्षा सामान सुविधा’ की समीक्षा की है। इसके अलावा उच्चतम न्यायालय में अमिताभ दासगुप्ता विरुद्ध यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के मामले के आधार पर उभरे सिद्धान्तों के अनुरूप भी इसकी समीक्षा की गई है। केंद्रीय बैंक ने कहा है कि संशोधित निर्देश नए और मौजूदा सुरक्षित जमा लॉकरों तथा सुरक्षित सामान अभिरक्षा सुविधा के लिए लागू होंगे। रिजर्व बैंक ने कहा कि बैंकों को शाखावार खाली लॉकरों की सूची बनानी होगी। साथ ही उन्हें लॉकरों के आवंटन के उद्देश्य से उनकी इंतजार सूची की जानकारी कोर बैंकिंग प्रणाली (सीबीएस) या साइबर सुरक्षा ढांचे के अनुपालन वाली किसी अन्य कंप्यूटरीकृत प्रणाली में डालनी होगी। बैंकों को लॉकरों के आवंटन में पारदर्शिता सुनिश्चित करनी होगी। निर्देश में कहा गया है कि बैंकों को लॉकर आवंटन के सभी आवेदनों के लिए पावती या रिसीट देनी होगी। यदि लॉकर उपलब्ध नहीं है, तो बैंकों को उपभोक्ताओं को इंतजार सूची (वेट लिस्ट) का नंबर देना होगा। इसके अलावा बैंकों को आईबीए द्वारा तैयार किए जाने वाले आदर्श मॉडल करार को भी अपनाना होगा। रिजर्व बैंक ने संशोधित निर्देशों में बैंकों के लिए मुआवजा नीति और देनदारी का भी विस्तार से उल्लेख किया है। बैंकों को अपने बोर्ड द्वारा मंजूर ऐसी नीति को लागू करना होगा जिसमें लापरवाही की वजह से लॉकर में रखे सामान को लेकर उनकी जिम्मेदारी तय की जा सके। रिजर्व बैंक ने कहा है कि प्राकृतिक आपदा या ‘एक्ट ऑफ गॉड’ यानी भूकंप, बाढ़, आकाशीय बिजली या आंधी-तूफान की स्थिति में बैंक किसी नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा। हालांकि, बैंकों को अपने परिसर को इस तरह की आपदाओं से बचाने के लिए उचित इंतजाम करने की जरूरत होगी। इसके अलावा जिस परिसर में सुरक्षित जमा लॉकर हैं, उसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी बैंक की होगी। निर्देश में कहा गया है कि आग, चोरी, डकैती या सेंधमारी की स्थिति में बैंक अपने दायित्व से नहीं हट सकता। ऐसे मामलों में बैंक का दायित लॉकर के वार्षिक किराये का सौ गुना तक होगा।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Holidays Next Week: नवरात्रि, गुड़ी पड़वा के लिए अगले हफ्ते कई दिन बंद रहेंगे बैंक, पढ़ें छुट्टियों की पूरी लिस्ट

कारोबारBank Holidays in March 2026: होली, ईद और राम नवमी; मार्च में छुट्टियों की भरमार, देखें कब-कब है अवकाश

कारोबारRBI New Rules: बैंक लॉकर रखने वाले ग्राहक ध्यान दें, 1 नवंबर से बदल रहे लॉकर को लेकर ये नियम, जानें RBI का अपडेट

कारोबारBank Holiday: क्या कल, 5 सितंबर को बैंक खुले रहेंगे या बंद? चेक करें डिटेल

कारोबारRBI: अब चेक क्लियरिंग के लिए नहीं करना होगा इंतजार, कुछ ही घंटों में हो जाएगा काम; RBI इस डेट से कर रही नया सिस्टम पेश

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारपश्चिम एशिया में 10,000 से अधिक कर्मचारी?, टाटा समूह ने सहायता योजना की शुरू

कारोबारGold Rate Today: 3 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,50,865 प्रति 10 ग्राम

कारोबारदर्द कोई समझे, रील्स से बर्बादी तक?, कैसे पर्यटक और कंटेंट क्रिएटर्स पंपोर सरसों खेतों को पहुंचा रहे हैं नुकसान?

कारोबारईरान में फिर से फंसे सैकड़ों कश्मीरी छात्र?, 7 दिन के लिए बंद अजरबैजान सीमा

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?