लाइव न्यूज़ :

इस्मा ने गन्ने का एफआरपी बढ़ने के बाद चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य 35 रुपये किलो करने की मांग की

By भाषा | Updated: August 25, 2021 22:06 IST

Open in App

उद्योग निकाय इस्मा ने बुधवार को कहा कि गन्ने के उचित और लाभकारी मूल्य (एफआरपी) में पांच रुपये क्विंटल की बढ़ोतरी से मिल मालिकों पर बोझ नहीं पड़ेगा। लेकिन संगठन ने चीनी मिलों की नकदी की स्थिति में सुधार के लिये चीनी का न्यूनतम बिक्री मूल्य मौजूदा 31 रुपये से बढ़ाकर 34.5 - 35 रुपये प्रति किलोग्राम करने की मांग की। इससे पहले दिन में, सरकार ने लगभग पांच करोड़ गन्ना उत्पादकों की आय बढ़ाने के लिए गन्ना एफआरपी को पांच रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 290 रुपये प्रति क्विंटल करने की घोषणा की। भारतीय चीनी मिल संघ (इस्मा) के महानिदेशक अविनाश वर्मा ने एक बयान में कहा कि चीनी उद्योग, विपणन वर्ष 2021-22 के लिए गन्ना एफआरपी को पांच रुपये प्रति क्विंटल बढ़ाकर 290 रुपये प्रति क्विंटल करने के सरकार के फैसले से अधिक बोझ महसूस नहीं करेगा। वर्मा ने कहा कि एफआरपी में वृद्धि के साथ, चीनी उद्योग उम्मीद करेगा कि सरकार चीनी के न्यूनतम बिक्री मूल्य (एमएसपी) में भी वृद्धि करेगी ताकि चीनी मिल मालिकों को मौजूदा और अगले सत्र में भी किसानों को अधिक गन्ना मूल्य भुगतान को समायोजित करने में मदद मिल सके। उन्होंने कहा, ‘‘चीनी का एमएसपी 30 महीने से अधिक समय से स्थिर बना हुआ है, भले ही गन्ने के एफआरपी में वर्ष 2020-21 में 10 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई हो।’’ उन्होंने आगे कहा कि मंत्रियों के समूह, नीति आयोग, सचिवों की समिति और कई राज्य सरकारों ने पिछले साल मार्च और जुलाई 2020 के बीच चीनी के एमएसपी में वृद्धि की बात की थी। वर्मा ने कहा, ‘‘...हमें उम्मीद है कि सरकार इन सिफारिशों पर ध्यान देगी और चीनी के एमएसपी को 34.50 - 35 रुपये प्रति किलो तक बढ़ाएगी।’’ इस्मा ने आगे कहा कि चीनी एमएसपी के 34.50-35 रुपये प्रति किलोग्राम तक बढ़ने से चीनी की कीमत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा और निश्चित रूप से इससे किसी भी तरह की महंगाई नहीं बढ़ेगी।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

भारतपीएम मोदी ने आर बालासुब्रमण्यम और डॉ. जोरम अनिया को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य नियुक्त करने की दी मंज़ूरी

भारतनीति आयोग की बैठक में प्रधानमंत्री मोदी का 'एक राज्य, एक वैश्विक गंतव्य' का नारा

भारतनीति आयोग 10वीं बैठकः पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन और कर्नाटक सीएम सिद्धरमैया नहीं होंगे शामिल, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पहली बड़ी बैठक

भारतब्लॉग: राजनीतिक हितों को साधने में अनुशासन भी आवश्यक

भारतचिराग पासवान ने ममता बनर्जी के आचरण को बताया गलत, कहा-वह सरासर झूठ बोल रही थीं

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 20 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबारFuel Price Today: 20 मई को पेट्रोल, डीजल और CNG की नई कीमतें घोषित, यहाँ जानें शहरवार ताजा दरें

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

कारोबारITR Filing 2026: घर बैठे मिनटों में दाखिल करें ITR, यहां समझें आसान तारीका