लाइव न्यूज़ :

15.18 करोड़ टन उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक भारत?, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी की

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 4, 2026 20:58 IST

नई उच्च उपज वाली बीज किस्मों से फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

Open in App
ठळक मुद्देसुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई किस्में किसानों तक जल्दी पहुंचें।25 क्षेत्रीय फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया।चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन, फाइबर फसलें शामिल हैं।

नई दिल्लीः केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को 25 फसलों की 184 नई किस्में जारी करते हुए कहा कि भारत 15.18 करोड़ टन के कुल उत्पादन के साथ चीन को पछाड़कर दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक बन गया है। चौहान ने कहा कि इन नई उच्च उपज वाली बीज किस्मों से फसल उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आय में वृद्धि होगी।

उन्होंने मंत्रालय के अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि ये नई किस्में किसानों तक जल्दी पहुंचें। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक कार्यक्रम में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद द्वारा विकसित 25 क्षेत्रीय फसलों की 184 उन्नत किस्मों का अनावरण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए चौहान ने कहा कि देश ने अधिक उपज देने वाले बीजों के विकास में बड़ी सफलता हासिल की है। वर्ष 1969 में राजपत्र अधिसूचना प्रक्रिया शुरू होने के बाद से कुल 7,205 फसल किस्मों को अधिसूचित किया गया है, जिनमें चावल, गेहूं, ज्वार, मक्का, दालें, तिलहन, फाइबर फसलें शामिल हैं।

चौहान ने बताया कि नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा 3,236 अधिक उपज देने वाली किस्मों को मंजूरी दी गई है, जबकि 1969 से 2014 के बीच 3,969 किस्मों को अधिसूचित किया गया था। मंत्री ने कहा कि भारत भोजन की कमी वाले देश से वैश्विक खाद्य प्रदाता बन गया है। चौहान ने कहा, “चावल उत्पादन में भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया है और दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक बन गया है।”

उन्होंने इसे एक अभूतपूर्व उपलब्धि बताते हुए कहा कि भारत का चावल उत्पादन चीन के 14.5 करोड़ टन की तुलना में 15.18 करोड़ टन तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि भारत अब विदेशी बाजारों में चावल की आपूर्ति कर रहा है। चौहान ने कहा कि देश में प्रचूर मात्रा में खाद्यान्न भंडार है, जिससे भारत की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित होती है।

रविवार को जारी की गई 184 उन्नत किस्मों के बारे में बताते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि ये किस्में किसानों के लिए लाभकारी होंगी, क्योंकि इससे उन्हें उच्च पैदावार और बेहतर गुणवत्ता वाली उपज प्राप्त होगी। चौहान ने कहा कि अधिक उपज देने वाले और जलवायु के अनुकूल बीजों के विकास के बल पर देश कृषि क्रांति के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। 

टॅग्स :चीनशी जिनपिंगनरेंद्र मोदीशिवराज सिंह चौहान
Open in App

संबंधित खबरें

विश्व'कोई समझौता नहीं, कोई दोहरा मापदंड नहीं': भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी ने खींची आतंकवाद पर रेखा

विश्वप्रेस फ्रीडम पर पीएम मोदी के ‘सवाल टालने’ पर नॉर्वेजियन पत्रकारों के साथ MEA की तीखी बहस, विदेश मंत्रालय के सचिव (पश्चिम) कहा- "बताता हूँ भारत क्या है" | WATCH

ज़रा हटकेहेमा मालिनी ई-ऑटो से पहुंचीं मीटिंग में, हूटर बजाते हुए निकला ऑटो, वीडियो वायरल

विश्वकतर, सऊदी अरब और यूएई के अनुरोध पर ईरान पर हमला नहीं किया, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा-युद्ध में मध्यस्थता कर रहे पाकिस्तान पर कोई बात नहीं

विश्वनीदरलैंड पीएम रॉब जेटन दुनिया में सबसे ज्यादा आबादी वाले देश भारत को क्यों ज्ञान दे रहे हैं?

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारकमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की मांग की, कहा-मध्य प्रदेश जनता सबसे ज्यादा टैक्स दे रही है

कारोबारकिउल-झाझा तीसरी लाइन परियोजनाः 54 किमी और 962 करोड़ रुपये खर्च?, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा- यात्री आवागमन, संपर्क और क्षेत्रीय औद्योगिक विकास को मजबूती

कारोबारबेंगलुरु-मुंबई एक्सप्रेस शुरू, देखिए रूट, समय और टिकट की कीमत, तुमकुरु, हुबली, बेलगावी, सांगली, कराड, सतारा, लोनांद, पुणे, लोनावला, कल्याण और ठाणे सहित 15 स्टेशनों पर रुकेगी

कारोबारGold Price Today: सोने का भाव आज का 19 मई 2026, जानें दिल्ली, मुंबई समेत बड़े शहरों में सोने की कीमत

कारोबार800 करोड़ रुपये खर्च, लाखों कर्मचारी को तोहफा?, 5वें, 6वें और 7वें वेतन आयोगों के तहत कर्मचारियों के महंगाई भत्ता डीए के बकाया भुगतान को मंजूरी