लाइव न्यूज़ :

2000 Rupee Note: "नोट बैन से नहीं पड़ेगा भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर", बोले पूर्व वित्त सचिव और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष, जानें एक्सपर्ट्स की राय

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: May 20, 2023 16:16 IST

आरबीआई के 2000 के नोट वापस लेने वाले फैसले पर बोलते हुए नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया ने कहा है कि “हम इसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखेंगे। 2,000 के नोट की कितनी भी राशि को बराबर कीमत में कम मूल्यवर्ग के नोटों से बदल दिया जाएगा या जमा कर दिया जाएगा। इसलिए धन प्रवाह पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।”

Open in App
ठळक मुद्देआरबीआई के 2000 के नोट वापस लेने वाले फैसले पर एक्सपर्ट ने अपनी बात रखी है। पूर्व वित्त सचिव और नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष का कहना है कि इससे भारतीय अर्थव्यवस्था पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें कि आरबीआई ने कल रात बयान जारी कर कहा है कि 2000 के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे।

नई दिल्ली:  पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने शनिवार को कहा कि 2,000 रुपये का नोट वापस लिए जाना ‘बहुत बड़ी घटना’ नहीं है और इससे अर्थव्यवस्था या मौद्रिक नीति पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा कि 2,000 रुपये के नोट को 2016 में विमुद्रीकरण के समय ‘आकस्मिक कारणों’ से मुद्रा की अस्थायी कमी को दूर करने के लिए लगाया गया था। 

इस मुद्दे पर सुभाष चंद्र गर्ग ने क्या कहा है

गर्ग ने कहा कि पिछले पांच-छह वर्षों में डिजिटल भुगतान में भारी वृद्धि के बाद, 2,000 रुपये का नोट (जो वास्तव में अन्य मूल्यवर्ग के नोटों के स्थान पर लाया गया था) वापस लेने से कुल मुद्रा प्रवाह प्रभावित नहीं होगा और इसलिए मौद्रिक नीति पर भी कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने कहा, “इससे भारत के आर्थिक और वित्तीय तंत्र के परिचालन पर भी प्रभाव नहीं पड़ेगा। जीडीपी वृद्धि या जन कल्याण पर कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा।” 

आरबीआई ने शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा या बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे। 

नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष ने क्या कहा

यही नहीं नीति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष अरविंद पनगड़िया ने भी कहा है कि 2000 का नोट वापस मंगाने के भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के फैसले से अर्थव्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा क्योंकि ऐसे वापस हुए नोटों के स्थान पर उसी कीमत में कम मूल्यवर्ग के नोट जारी कर दिए जाएंगे। पनगड़िया ने कहा कि इस कदम के पीछे संभावित मकसद अवैध धन की आवाजाही को और मुश्किल बनाना है। 

उन्होंने आगे कहा है कि “हम इसका अर्थव्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं देखेंगे। 2,000 के नोट की कितनी भी राशि को बराबर कीमत में कम मूल्यवर्ग के नोटों से बदल दिया जाएगा या जमा कर दिया जाएगा। इसलिए धन प्रवाह पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।” 

दो हजार के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे-आरबीआई

मुद्दे पर पनगरिया ने कहा कि 2,000 रुपये के नोट वर्तमान में जनता के हाथों में कुल नकदी का केवल 10.8 प्रतिशत हैं और इसमें से भी ज्यादातर राशि का उपयोग संभवत: अवैध लेनदेन में होता है। बता दें कि कि आरबीआई ने शुक्रवार को 2,000 रुपये के नोट को चलन से बाहर करने की घोषणा की थी। इस मूल्य के नोट बैंकों में जाकर 30 सितंबर तक जमा या बदले जा सकेंगे। आरबीआई ने शाम को जारी एक बयान में कहा कि अभी चलन में मौजूद 2,000 रुपये के नोट 30 सितंबर तक वैध मुद्रा बने रहेंगे।  

टॅग्स :बिजनेसनोटबंदीभारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई)इकॉनोमी
Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारBank Holiday Today: घर से निकलने से पहले चेक कर लें बैंक हॉलिडे लिस्ट, बस एक क्लिक से जानें आज बैंक बंद या खुले?

कारोबारBank Holiday Today: 1 अप्रैल को बैंक जाने की गलती न करें, बंद रहेंगे पब्लिक विंडो; जानें क्या है कारण

कारोबारVerSe Innovation ने P.R. रमेश को स्वतंत्र निदेशक और ऑडिट समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया, जानें क्या है कंपनी का प्लान

कारोबारRBI के हस्तक्षेप के बावजूद, रुपया पहली बार अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95 के पार पहुंचा

कारोबारतेज आर्थिक विकास के साथ उन्नत परमाणु हथियारों से सुसज्जित मजबूत सैन्य शक्ति बनने की आवश्यकता

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारवायनाड पुनर्वासः 200 से अधिक लोगों की मौत और 5.38 करोड़ रुपये खर्च?, कांग्रेस ने धनराशि का हिसाब किया सार्वजनिक

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी

कारोबारGold Rate Today: 4 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,52,650 प्रति 10 ग्राम