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राजस्व विभाग फ्लिपकार्ट को लौटाएगा 55 करोड़ रुपये

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: April 27, 2018 09:39 IST

न्यायाधिकरण ने कहा कि कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को दी गयी छूट को पूंजीगत खर्च नहीं माना जा सकता है।

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नयी दिल्ली, 27 अप्रैल: आयकर अपीलीय न्यायाधिकरण ने राजस्व विभाग द्वारा ई - कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट से की गई 109.52 करोड़ रुपये की कर मांग को खारिज कर दिया। न्यायाधिकरण ने कहा कि कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को दी गयी छूट को पूंजीगत खर्च नहीं माना जा सकता है। इस आदेश के बाद आयकर विभाग को फ्लिपकार्ट द्वारा जमा करायी गयी 55 करोड़ की अग्रिम राशि लौटानी होगी तथा न्यायाधिकरण के छह फरवरी के आदेश के बाद जमा करायी गयी बैंक गारंटी वापस करनी होगी। राजस्व विभाग ने कंपनी द्वारा उपभोक्ताओं को 2015-16 के दौरान 796 करोड़ रुपये की दी गयी छूट को पूंजीगत खर्च माना था। कर विभाग का मानना था कि कंपनी ने ग्राहकों को दी गई छूट पेशकश की वजह से कंपनी को हुये नुकसान के पीछे कंपनी का अपने ब्रांड मूल्य को बेहतर बनाना और आनलाइन बाजार में अपना एकाधिकार अथवा अग्रणी स्थिति बनाना मकसद था।

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