लाइव न्यूज़ :

आरओडीटीईपी दरें तय होने से निर्यातकों को नकदी उपलब्ध होगी, प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी: फियो

By भाषा | Updated: August 17, 2021 20:20 IST

Open in App

निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की वापसी (आरओडीटीईपी) योजना से निर्यातकों के लिए नकदी की स्थिति बेहतर होगी और साथ ही उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ सकेगी। निर्यातकों के प्रमुख संगठन फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गेनाइजेशन (फियो) ने यह कहा है। फियो अध्यक्ष ए शक्तिवेल ने कहा कि वाणिज्य मंत्रालय को जल्द दरों को प्रणाली पर अपलोड कर देना चाहिए जिससे निर्यातक इस योजना के तहत लाभ उठा सकें। शक्तिवेल ने सरकार से फार्मा, रसायन, लौह एवं इस्पात क्षेत्रों को भी एक जनवरी, 2021 से आरओडीटीईपी के तहत लाने की मांग की। ये क्षेत्र अभी इस योजना के दायरे में नहीं आते हैं। उन्होंने कहा, ‘‘ये दरें उद्योग द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के आधार पर तय की गई है जो कि महामारी से प्रभावित हैं। ऐसे में यदि उद्योग द्वारा अधिक व्यापक आंकड़ा उपलब्ध कराया जाता है, तो दरों की समीक्षा हो सकती है।’’ शक्तिवेल ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में निर्यात कारोबार 400 अरब डालर पर पहुंचने की दिशा में बढ़ रहा है लेकिन परिवहन और रखरखाव की चुनौतियां खासतौर से कंटेनर उपलब्ध नहीं होने, ऊंची भाड़ा दरें ‘‘गंभीर चुनौती’’ के रूप में सामने आ रही हैं। उन्होंने सरकार से उचित उपाय करने को कहा ताकि इस तरह की परेशानियां खड़ी नहीं हों।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअफगानिस्तान की मौजूदा स्थिति का भारत के साथ व्यापार पर पड़ेगा असर: निर्यातक

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारFuel Price Today: 20 मई को पेट्रोल, डीजल और CNG की नई कीमतें घोषित, यहाँ जानें शहरवार ताजा दरें

कारोबारबुलेट ट्रेन परियोजना को व्यावहारिक बनाने की चुनौती

कारोबारइटली और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी?, 2029 तक व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना

कारोबारITR Filing 2026: घर बैठे मिनटों में दाखिल करें ITR, यहां समझें आसान तारीका

कारोबारकमलनाथ ने सरकार से पेट्रोल-डीज़ल पर 10 रुपए प्रति लीटर की कटौती की मांग की, कहा-मध्य प्रदेश जनता सबसे ज्यादा टैक्स दे रही है