लाइव न्यूज़ :

कमजोर तुलनात्मक आधार से पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में तेज उछाल, 20.1 प्रतिशत बढ़ी

By भाषा | Updated: August 31, 2021 19:52 IST

Open in App

देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में 20.1 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई। कोविड-19 की खतरनाक दूसरी लहर के बावजूद यह वृद्धि हासिल की गई है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही का तुलनात्मक आधार नीचे होने की वजह से इस साल ऊंची वृद्धि हासिल होने में मदद मिली है। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के मंगलवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है। इसके मुताबिक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की अप्रैल-जून तिमाही में 24.4 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। सरकार ने पिछले साल कोविड-19 महामारी की रोकथाम के लिये देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ लगाया था। इस साल अप्रैल के मध्य में कोविड महामारी की विनाशकारी दूसरी लहर की रोकथाम के लिये राज्यों के स्तर पर पाबंदियां लगायी गई थीं। हालांकि, इतनी वृद्धि के बाद भी अर्थव्यवस्था कोविड से पहले की स्थिति में नहीं पहुंच पाई है। मूल्य के हिसाब से सकल घरेलू उत्पाद 2021-22 की अप्रैल-जून तिमाही में 32,38,020 करोड़ रुपये रहा। यह 2019-20 की इसी तिमाही में 35,66,708 करोड़ रुपये से कम है। पिछले साल अप्रैल-जून तिमाही में देशव्यापी ‘लॉकडाउन’ के दौरान जीडीपी घटकर 26,95,421 करोड़ रुपये रह गई थी। एनएसओ ने एक बयान में कहा, ‘‘स्थिर मूल्य (2011-12) पर जीडीपी 2021-22 की पहली तिमाही में 32.38 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2020-21 की इसी तिमाही में 26.95 लाख करोड़ रुपये थी। यह 20.1 प्रतिशत वृद्धि को बताता है जबकि 2020-21 की पहली तिमाही में 24.4 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। बयान में कहा गया है कि 2021-22 की पहली तिमाही के दौरान महामारी की दूसरी लहर की रोकथाम के लिये स्थानीय स्तर पर और सोच-विचाकर ‘लॉकडाउन’ लगाये गये। इसके तहत जरूरी गतिविधियों को छोड़कर अन्य कार्यों के साथ लोगों की आवाजाही पर भी पाबंदी लगायी गयी। बयान के अनुसार, ‘‘राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने विभिन्न राज्यों में ‘लॉकडाउन’ के निर्देशों पर विचार किया। कोविड-19 महामारी के कारण आर्थिक गतिविधियों और आंकड़ा संग्रह व्यवस्था पर प्रभाव पड़ा। इसका असर तिमाही जीडीपी अनुमानों पर भी हुआ है।’’ एनएसओ के आंकड़े के अनुसार विनिर्माण क्षेत्र में सकल मूल्य वर्धन (जीवीए) वृद्धि दर 2021-22 की पहली तिमाही में बढ़कर 49.6 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 36 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। कृषि क्षेत्र में जीवीए वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 4.5 प्रतिशत रही जो एक साल पहले 2020-21 की इसी तिमाही में 3.5 प्रतिशत थी। निर्माण क्षेत्र की जीवीए वृद्धि 2021-22 की पहली तिमाही में 68.3 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में इसमें 49.5 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। खनन क्षेत्र की वृद्धि दर 18.6 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले की इसी तिमाही में इसमें 17.2 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य जन केंद्रित सेवाओं की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 14.3 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में इनमें 9.9 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। इसी प्रकार, व्यापार, होटल, परिवहन, संचार तथा प्रसारण सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 34.3 प्रतिशत रही जबकि 2020-21 की इसी तिमाही में इसमें 48.1 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं की वृद्धि दर 2021-22 की पहली तिमाही में 3.7 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी तिमाही में 5 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। लोक प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं की वृद्धि दर आलोच्य तिमाही में 5.8 प्रतिशत रही जबकि एक साल पहले इसी अवधि में इसमें 10.2 प्रतिशत की गिरावट आयी थी। चीन की वृद्धि दर 2021 की अप्रैल-जून तिमाही में 7.9 प्रतिशत रही है।

Disclaimer: लोकमत हिन्दी ने इस ख़बर को संपादित नहीं किया है। यह ख़बर पीटीआई-भाषा की फीड से प्रकाशित की गयी है।

Open in App

संबंधित खबरें

कारोबारअर्थव्यवस्था के लिये मंगलकारी दिन; जीडीपी 20.1 प्रतिशत बढ़ी, शेयर बाजार नई ऊंचाईयों पर, रुपया मजबूत

कारोबारसंरचनात्मक सुधारों, सरकारी खर्च पर जोर से भारत मजबूत वृद्धि के रास्ते पर: सीईए

कारोबारसंरचनात्मक सुधारों, सरकारी खर्च पर जोर से भारत मजबूत वृद्धि के रास्ते पर: सीईए

भारतजीडीपी दो साल पहले से भी कम, अर्थव्यवस्था पिछले साल की गिरावट से उबर नहीं सकी: चिदंबरम

कारोबारदेश की आर्थिक वृद्धि दर अप्रैल-जून तिमाही में 20.1 प्रतिशत रही

कारोबार अधिक खबरें

कारोबारपुणे के विशाल भुजबल हैदराबाद में राष्ट्रीय सम्मेलन में सम्मानित

कारोबारपश्चिम एशिया संघर्षः भारत मजबूती से उभरा और हालात का डटकर मुकाबला किया?, विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा- युद्ध से करोड़ों लोग परेशान, वीडियो

कारोबारITR Filing 2026: ITR दाखिल करने से पहले ये बातें जान लेना है बेहद जरूरी, जानें कब से शुरू हो रही है प्रक्रिया और कैसे बचाएं पेनाल्टी

कारोबारGold Rate Today: 4 अप्रैल 2026 को सोना हुआ सस्ता, 24 कैरेट सोने की कीमत ₹ 1,52,650 प्रति 10 ग्राम

कारोबारiPhone जैसा Selfie? Realme 16 5G आया मार्केट में 7000mAh बैटरी, जानें फीचर्स