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क्या मकान के किराए पर भी लग सकता है 18 फीसदी जीएसटी? जानिए सरकार ने क्या कहा

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 12, 2022 20:43 IST

केंद्र सरकार ने किराये के मकान में रहने वाले नागरिकों से 18 फीसदी जीएसटी वसूली की खबर को अफवाह बताया है। केंद्र सरकार ने व्यक्तिगत प्रयोग के लिए लिये गये किराये के मकान जीएसटी से मुक्त हैं।

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ठळक मुद्देकेंद्र सरकार ने कहा कि नागरिकों द्वारा व्यक्तिगत तौर पर लिये गये मकान के किराये जीएसटी मुक्त हैं केंद्र ने कहा कि अगर मकान व्यावसायिक लाभ के उद्देश्य से किराये पर लिया गया है तो जीएसटी देय होगा

दिल्ली: वित्त मंत्रालय द्वारा बीते महीने खानेपीने की रोजमर्रा के वस्तुओं को माल और सेवा कर (जीएसटी) में लाये जाने के बाद से मकान के किराये को लेकर एक अफवाह फैल रही थी केंद्र सरकार किराये के मकान में रहने वाले नागरिकों से 18 फीसदी जीएसटी की वसूली कर सकती है।

इस अफवाह और खानेपीने संबंधी जरूरी वस्तुओं पर लगाये गये जीएसटी के बाद से लोगों के मन बेचैनी थी कि क्या सरकार अब किरायदारों को भी जीएसटी के दायरे में लाने की योजना बना रही है।

इस संबंध में केंद्र सरकार के पत्र सूचना कार्यालय ने शुक्रवार को घर के किराए से संबंधित जीएसटी के मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए कि किसी भी आवासीय परिसर के किराए पर जीएसटी तभी देय होगा, उस आवासीय परिसर का प्रयोग किसी व्यावसायिक लाभ के लिए किया जा रहा हो।

केंद्र सरकार को पत्र सूचना कार्यालय के माध्यम से किरायदारों से जीएसटी वसूली के संबंध में इस कारण खंडन करना पड़ा क्योंकि कुछ समाचार वेबसाइट की खबरों में बताया गया था कि केंद्र सरकार अब किरायेदारों से घर किराया लेने के एवज में 18 फीसदी माल और सेवा कर (जीएसटी) वसूलेगी। सरकार के आधिकारिक तथ्यों के मुताबिक न्यूज वेबसाइटों द्वारा इस संबंध में चलाई जा रही खबरें तथ्यों से परे और भ्रामक हैं।

पीआईबी फैक्ट चेक ने ट्विटर पर इस मामले में एक पोस्ट साझा स्पष्ट किया कि जब किसी निजी व्यक्ति को निजी इस्तेमाल के लिए घर किराए पर दिया जाता है तो उस पर सरकार की ओर से कोई जीएसटी नहीं लिया जाता है लेकिन अगर मकान का इस्तेमाल व्यावसायिक हितों के लिए हो रहा है तो उन पर 18 फीसदी जीएसटी लागू होगा।

लेकिन वहीं दूसरी ओर अदर किसी व्यक्ति के द्वारा व्यक्तिगत तौर पर लिए गये किराये का मकान जीएसटी के दायरे से बाहर होंगे लेकिन अगर मकान किसी फर्म या व्यावसायिक प्रतिष्ठान द्वारा लिया जाएगा तो उनका दिया किराया जीएसटी के दायरे में आयेगा।

मालूम हो कि किसी भी मकान के लिए जीएसटी पंजीकरण तब आवश्यक होता है जब कोई व्यक्ति उस मकान से कोई व्यवसाय या आय संबंधी पेशा करता है। मकान से अगर जीएसटी कानून के तहत परिभाषित होने वाले कारोबार का संचालन हो रहा हो तो उन्हें जीएसटी देना होगा।

टॅग्स :जीएसटीमोदी सरकारFinance Ministry
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