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एप्पल ChatGPT से लैस होगा ऑपरेटिंग सिस्टम! गूगल, OpenAI के साथ फिर से बातचीत शुरू

By आकाश चौरसिया | Updated: April 27, 2024 11:09 IST

Apple iOS: एप्पल अपने ऑपरेटिंग सिस्टम को अपडेट करने के लिए गूगल और ओपनएआई से बातचीत कर रहा है। इस कड़ी में कंपनी अब दोबारा से इस प्रक्रिया में तेजी ला चुकी है, माना जा रहा है कि जल्द कंपनी इसे लॉन्च करेगी।

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ठळक मुद्देApple iOS: एप्पल जल्द ही अपने ऑपरेटिंग सिस्टम में एआई फीचर लाने जा रहा हैApple iOS: इसके लिए एप्पल गूगल और ओपनएआई के साथ दोबार से कर रहा बातचीतApple iOS: जल्द ही दोनो इसे लेकर अपनी योजानाएं सामने रख सकते हैं

Apple iOS: साल 2024 से पहले एप्पल और गूगल के बीच आईओएस 18 ऑपरेटिंग सिस्टम में कई आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस फीचर को लेकर बातों की शुरुआत हो चुकी है, लेकिन अभी जो बातें निकलकर सामने आ रही हैं, इसमें एक बार फिर से कंपनी ने आईफोन की क्षमता बढ़ाने के लिए दोबारा से दोनों डील को लेकर आगे बढ़े हैं। 

ब्लूमबर्ग रिपोर्ट के अनुसार, एप्पल और ओपन एआई कंपनी के बीच पिछले साल बातचीत शुरू हुई थी, लेकिन बातों का दौर थम गया था और इसलिए यह अपने मकसद पर पूरा नहीं हो सकीं। अब फिर से एक बार जो बातें निकल कर आ रही है, उनमें चैटबॉट जैसे फीचर को आईओएस 18 में अंर्तनिहित करने के लिए दोनों कंपनियों के बीच बातें शुरू हो गई हैं। 

हालांकि, Apple ने अपने जेमिनी एआई चैटबॉट को लाइसेंस देने के लिए Google के साथ भी चर्चा जारी रखी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एप्पल अंततः ओपनएआई और Google दोनों के साथ एक समझौते पर पहुंच सकता है, या अपने चैटबॉट के लिए एक विक्रेता चुन सकता है। पिछली रिपोर्ट के मुताबिक, एप्पल चीन में उपयोगकर्ताओं के लिए जेनरेटिव एआई क्षमताएं लाने के लिए Baidu के साथ भी बातचीत कर रहा है, क्योंकि गूगल की चीन में उपस्थिति नहीं है।

एप्पल आईओएस 18 अपने सॉफ्टवेयर में बड़ा अपडेट करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ने वाला है, क्योंकि उसे किसी भी तरह अपने को 21 वीं सदी में आधुनिक बनाना है। वैश्विक डेवलपर्स कॉन्फ्रेंस में एप्पल कह चुका है आईओएस 18 को जल्द ही सामने लाने जा रहा, जबकि नया अपडेट सबसे पहले इस साल के अंत में आने वाली iPhone 16 सीरीज पर रिलीज किया जा सकता है।

एप्पल इस योजना पर कर रहा काम ब्लूमबर्ग रिपोर्ट में एक बात का और खुलासा हुआ है कि एप्पल लार्च लैंग्युएज मॉडल (एलएलएम) को विकसित करने पर भी काम कर रहा है, इसका यह मतलब है कि क्लाउड से चलने के बजाय फोन के अंदर एक प्रोसेसर द्वारा संचालित होगा। ऑन-डिवाइस मॉडल के उपयोग का मतलब है कि AI चैटबॉट चैटजीपीटी या जेमिनी जैसे अधिकांश वाणिज्यिक चैटबॉट्स की तुलना में कम शक्तिशाली और जानकारीपूर्ण होगा। 

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