लाइव न्यूज़ :

पुण्यतिथिः दादा साहब फाल्के, एक करिश्माई शिल्पी जिसने भारतीय सिनेमा की नींव डाली

By लोकमत समाचार हिंदी ब्यूरो | Updated: February 16, 2018 09:12 IST

16 फरवरी, 1944 को नासिक में उन्होंने गुमनामी के अंधेरे में आखिरी सांस ली। 1969 में भारत सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए उनके नाम से हर साल भारतीय सिनेमा से जुड़ी किसी एक हस्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देना शुरू किया।

Open in App
ठळक मुद्दे‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाकर फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव डाली16 फरवरी, 1944 को नासिक में उन्होंने गुमनामी के अंधेरे में आखिरी सांस ली30 अप्रैल, 1870 को नासिक के पास त्रयंबकेश्वर में जन्मे धुंडीराज फाल्के की आज सोमवार 74वीं पुण्यतिथि है।

दुनिया की सबसे जानी-मानी और कमाई करने वाली फिल्म इंडस्ट्री में बॉलीवुड का शुमार होता है। बॉलीवुड में एक ठीक-ठाक फिल्म का 100 करोड़ कमा लेना आम बात हो गई है। लेकिन यह फल-फूल से लदा पेड़ यूं ही नहीं खड़ा हो गया। 105 साल पहले एक शख्स ने भारतीय सिनेमा की नींव रखी थी जिस पर बॉलीवुड की इतनी बड़ी इमारत खड़ी है। हिंदी सिनेजगत में दादा साहब फाल्के का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। आज उनकी पुण्यतिथि है। उनकी लोकप्रियता इसी बात से भी साबित हो जाती है कि बॉलीवुड फिल्मों में विशेष योगदान देने वालों को दादा साहब फाल्के पुरस्कार से नवाजा जाता है। 

पहली भारतीय मूक फिल्म ‘राजा हरिश्चंद्र’ के निर्माता, निर्देशक, कथाकार, सेट डिजाइनर, ड्रेस डिजाइनर, वितरक व संपादक, सब कुछ वही थे। कहा जा सकता है कि वह ‘वन मैन आर्मी’ थे। ‘राजा हरिश्चंद्र’ बनाकर फाल्के ने भारतीय सिनेमा की नींव डाली। यह फिल्म 21 अप्रैल, 1913 को रिलीज हुई। इस फिल्म ने भले ही हिंदी सिनेमा की नींव डाली हो, लेकिन इस नींव को पुख्ता करने का काम अभी बाकी था। ‘भस्मासुर मोहिनी’, ‘सत्यवान सावित्री’, ‘लंका दहन’ जैसी फाल्के फिल्म्स कंपनी की बाद की फिल्मों ने यह काम किया। फाल्के 1914 में जब अपनी फिल्में लेकर लंदन गए तो वहां के फिल्मकारों ने न सिर्फ उनके काम को सराहा, बल्कि उन्हें अच्छे पैसे पर अपने लिए फिल्में बनाने का न्यौता भी दिया, जिसे देशप्रेमी फाल्के ने ठुकरा दिया।

30 अप्रैल, 1870 को नासिक के पास त्रयंबकेश्वर में जन्मे धुंडीराज फाल्के की आज 74वीं पुण्यतिथि है। उनके पिता बहुत विद्वान व्यक्ति थे। धुंडीराज ने बंबई के जे.जे. स्कूल ऑफ आर्ट्स और बड़ौदा के कला भवन से पढ़ाई की।‘भारतीय सिनेमा के जनक’ कहे जाने वाले फाल्के ने फोटोग्राफी की। नाटकों में मंच सज्जा की और 1903 में सरकारी नौकरी भी की, जिसे उन्होंने स्वदेशी आंदोलन से प्रेरित होकर छोड़ दिया। पार्टनरशिप में उन्होंने ब्लॉक मेकिंग और फोटोग्राफी का काम भी शुरू किया। 1909 में वह जर्मनी से छपाई की मशीनें भी लाए। इसी पार्टनरशिप के टूटने के बाद आई निराशा के दौर में ही उनका झुकाव सिनेमा की ओर हुआ।

लेकिन बाद में अपने भागीदारों से मतभेद हो जाने की वजह से फाल्के रूठ कर बनारस चले गए। कुछ साल बाद वह लौटे और वापस फिल्मों से जुड़े लेकिन तब तक माहौल पूरी तरह बदल चुका था। 1931 में उनकी आखिरी मूक फिल्म ‘सेतु बंधन’ आई। इसी साल आर्देशिर एम. ईरानी ने भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ रिलीज की। फाल्के ने 1934 में कोल्हापुर सिनेटोन के लिए अपनी पहली और अंतिम बोलती फिल्म ‘गंगावतरण’ बनाई। सत्तर की उम्र तक आते-आते उनकी तबीयत नासाज रहने लगी।

16 फरवरी, 1944 को नासिक में उन्होंने गुमनामी के अंधेरे में आखिरी सांस ली। 1969 में भारत सरकार ने उनके योगदान को देखते हुए उनके नाम से हर साल भारतीय सिनेमा से जुड़ी किसी एक हस्ती को दादा साहब फाल्के पुरस्कार देना शुरू किया। यह पुरस्कार भारतीय फिल्मोद्योग का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है।

*IANS से इनपुट लेकर

टॅग्स :पुण्यतिथि
Open in App

संबंधित खबरें

भारतDry Day Alert: शराब के शौकीन आज नहीं छलका पाएंगे जाम, 30 जनवरी को ड्राई डे; लिकर शॉप बंद

भारतMahatma Gandhi Death Anniversary 2026: शहीद दिवस के मौके पर दिल्ली में ट्रैफिक एडवाइजरी जारी, कई मार्ग बंद; यहां रहेगा डायवर्जन

बॉलीवुड चुस्कीSreenivasan Death: मलयालम एक्टर-डायरेक्टर श्रीनिवासन का निधन, 69 वर्ष की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

भारतShivraj Patil Demise: पूर्व केंद्रीय मंत्री शिवराज पाटिल का निधन, 90 साल की उम्र में दुनिया को कहा अलविदा

भारतMahaparinirvan Diwas 2025: कहां से आया 'जय भीम' का नारा? जिसने दलित समाज में भरा नया जोश

बॉलीवुड चुस्की अधिक खबरें

बॉलीवुड चुस्कीआदित्य धर ने संतोष कुमार आरएस को भेजा नोटिस, कुमार ने दावा किया था कि 'धुरंधर 2' के मेकर्स ने उनकी कहानी को किया है कॉपी

बॉलीवुड चुस्कीरिलीज के 20 साल बाद?, रैपर यो यो हनी सिंह और बादशाह के 'अश्लील और अपमानजनक' गाने को हटाने का निर्देश, दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा-‘अंतरात्मा पूरी तरह से झकझोर’ दी?

बॉलीवुड चुस्की13 दिन में 1435 करोड़! धुरंधर 2 बनी चौथी सबसे बड़ी फिल्म, RRR को पछाड़कर रच दिया इतिहास

बॉलीवुड चुस्कीRamayana: रणबीर कपूर की 'रामायण' का टीजर, इमोशनल हुए फैंस

बॉलीवुड चुस्कीआज का इतिहासः देश-दुनिया में 30 मार्च की तारीख, महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा?