लाइव न्यूज़ :

Valentine's 2018 ब्लॉग: पहले इश्क का खूबसूरत सफर खत्म हुआ तो लगा जिंदगी खत्म हो गई

By प्रतीक्षा कुकरेती | Updated: February 6, 2018 19:59 IST

ये उन दिनों की बात है जब मैंने नया-नया फेसबुक में अकाउंट बनाया था। तब स्कूल के एक सीनियर ने रिक्वेस्ट भेजी। बस वही से शुरू हुई मेरे पहले प्यार की वो दास्ताँ।

Open in App

कहते है पहले प्यार का एहसास बड़ा खूबसूरत होता है जिसे भूल पाना नामुमकिन होता है। पर कभी-कभी यह समझना बड़ा मुश्किल होता है कि ये प्यार ही है या कुछ और। और जब पहला-पहला प्यार हो तो कुछ समझ नहीं आता है कि क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है ऐसा? पहले प्यार की बात बड़ी ही निराली होती है, ये  बहुत ही नादान, सच्चा और खास होता है जो बिना कुछ सोचे-समझे बस हो जाता है। बस फिर हम चल पड़े इस खूबसूरत सफर की तरफ।

ये उन दिनों की बात है जब मैंने नया-नया फेसबुक में अकाउंट बनाया था। तब स्कूल के एक सीनियर ने रिक्वेस्ट भेजी। बस वही से शुरू हुई मेरे पहले प्यार की वो दास्ताँ। किसी का अच्छा लगना और फिर एक ही मुलाकात में पूरी जिंदगी बन जाना कुछ ऐसी ही कहानी है मेरी। लेट नाईट चैटिंग एंड फ़ोन कॉल्स का सिलसिला शुरू हुआ। वो उस वक़्त ऑस्ट्रेलिया में था और मैं इंडिया में। 21 बरस की उस उम्र में हर चीज़ खास लगती थी, हर वक़्त अलग सा अहसास होता था। इसने मेरे पूरी ज़िन्दगी बदल थी, हर वक़्त एक उलझन सी होती थी। एक बेचैनी सी महसूस होती थी। सारी बातें मन ही मन में घूमती रहती थी। कुछ ना कहो, कुछ भी ना कहो, फिर बहुत कुछ कहने का मन हो।

रात-रात भर बातें करना और फिर सूजी आंखें लेकर कॉलेज पहुंच जाना। एक अलग सा निखार और चमक आ जाती है चेहरे पे। कहते है ना इश्क़ और मुश्क छुपाने से नहीं छुपता। तो कुछ यही हाल था मेरा। जब कोई फ्रेंड पूछता की ये चमक किस चीज़ की हैं तो बस शरमा के इधर-उधर भाग जाती उसका नाम आते ही प्यार की खुशबू आती है। उसका ज़िक्र आते ही चेहरे पर शर्म की लाली छा जाती, दिल धड़कने लगता। रोमांटिक गाने सुनना एक रूटीन अफेयर बन गया था।

करीब 2 महीने तक लेट नाईट चैटिंग और कॉल्स का सिलसिला चलता रहा। बिना उससे बात किये दिन की शुरुआत नहीं होती थी। अगर 1 घंटे में मैसेज या कॉल नहीं आता था तो मै परेशान हो जाती थी। एक दिन, रात 2 बजे उसका कॉल आया। अगले दिन मेरा इंटरनल एग्जाम था। मैंने फ़ोन उठाया। पीछे से कुछ लड़कों की आवाज़ आई - बोल-बोल आज बोलना ही पड़ेगा। मैं समझ तो गई थी पर अनजान बन रही थी। उधर से फिर आवाज़ आई - आई लव यू एक अजब सी लहर उठी मन में। उस एक पल ने मुझे पूरा बदल दिया। आई वाज ऑन टॉप ऑफ़ द वर्ल्ड। उस दिन इज़हारे इश्क़ हुआ। कुछ उसने कहा कुछ मैंने सुना। अगले दिन एग्जाम में 'पहला नशा पहला खुमार वाला' गाना याद आ रहा था बस।

इसके बाद 'अब तो है तुमसे हर ख़ुशी अपनी। तुम पे मरना है ज़िन्दगी अपनी।' कुछ ऐसा ही हाल था मेरा। उसकी हर पसंद अब मेरी थी। उसके लिए सजना संवरना। अपनी हर चीज़ में ध्यान देना। बस मन में यही ख्याल की कोई बात उसे ख़राब तो नहीं लगी? वो पंजाबी था। तो उसने एक दिन ऐसे ही कह दिया की वो पंजाबी अटायर (पहनावा) में मुझे देखना चाहता है। बस फिर क्या था। पूरी मार्किट मैंने छान डाली। फिर अगले दिन ग्रीन कलर के कुर्ती एंड मैचिंग पटियाला सलवार और दुपट्टा ओढ़ के चली गई। उसने पहली नज़र में देखकर कहा, एकदम पटोला वर्गी। बस उस दिन ख़ुशी का ठिकाना नहीं था। 

पहले प्यार की हर चीज़ खास थी, वो पहली मुलाकात, वो पहली मुस्कान, वो पहला प्यार भरा एहसास, वो पहले प्यार के साथ बिताये गये सुख-दुख के पल वो हर चीज़ एकदम परफेक्ट थी। मैं एक अलग ही दुनिया में थी। उस दुनिया में बस एक मैं थी और एक वो था तीसरा कोई नहीं।

बारिश की बरसती बूंदों ने जब दस्तक दी दरवाजे परमहसूस हुआ तुम आए हो, अंदाज तुम्हारे जैसा था

हवा के हलके झोंके की जब अहाट पाई खिड़की परमहसूस हुआ तुम गुज़रे हो, एहसास तुमारे जैसा था

मैंने गिरती बूंदों को राकना चाहा हाथों परएक सर्द फिर अहसास हुआ, वो लम्हा तुम्हारे जैसा था

तन्हा मैं चली फिर बारिश में, तब एक झोंके ने साथ दियामैं मझी तुम हो साथ मेरे, वो साथ तुम्हारे जैसा था,

फिर रुक गई वो बारिश भी, ना रही बाकी आहट भीमैं समझी मुझे तुम छोड़ कर गए, अंदाज तुम्हारे जैसा था

लेकिन कहते है ना कि हर वक़्त एक सा नहीं होता। यही हुआ। दो साल कब गुजर गए पता ही नहीं चला। लेकिन दो साल बाद वो वक्त आ गया। जिस इंसान से आप हर घंटे बात करते थे, अब उस से बात किये हुए 2 दिन हो जाते थे। कुछ समझ सा नहीं आ रहा था। मैंने पूछा भी पर जवाब कुछ था नहीं। एक दिन एक मित्र का फ़ोन आया। मुझसे पूछा तुम्हे कुछ पता चला की विवेक की शादी तय हो गई? ये सुनके मेरे पैरो से ज़मीन खिसक गई। एक बार को लगा कि पूरी जिंदगी खत्म हो गई। मैंने उसे कॉल किया पर उसके पास कोई जवाब नहीं था। वो बस खामोश था और वो ख़ामोशी मेरे लिए जानलेवा थी। उस मोहब्बत की दास्‍ंता को वो अधूरा छोड़ गया। अब कहानी में बस मेरी रह गई। वो मेरी हर ख़ुशी, मेरी हर मुस्कराहट ले गया। उसकी ख़ामोशी से मैं पूरी तरह टूट गई।

ज़िन्दगी ने एक दूसरे मोड़ पे लाके मुझे खड़ा कर दिया था। खुद से नफरत होने लगी थी। छह महीने तक डिप्रेशन में रही। हर वक़्त बस यही सवाल क्या मुझ में कोई कमी थी?

इस सवाल ने मुझसे मेरी ज़िन्दगी के 5 साल छीन लिए। जवाब तो मुझे आज तक नहीं मिला। बस इसी बात की कसक है मन में। लेकिन मोहब्बत तो फिर से होगी। और उम्मीद है इस बार अधूरी नहीं।

टॅग्स :वेलेंटाइन डेरिलेशनशिप
Open in App

संबंधित खबरें

क्राइम अलर्टBihar: 60 साल की बुजुर्ग को 30 साल के मर्द से हुआ प्यार, 3 बच्चों को छोड़ महिला फरार

क्राइम अलर्टVIDEO: दिनदहाड़े महिला टीचर पर तलवार से हमला, पूर्व प्रेमी निकला कातिल; CCTV में कैद हुआ मंजर

क्राइम अलर्टलिव-इन पार्टनर ने की गर्लफ्रेंड की हत्या, 2 दिनों तक लाश के साथ रहा; बॉस से अफेयर के शक में प्रेमी कातिल

क्राइम अलर्टबेंगलुरु में इंजीनियर ने की गर्लफ्रेंड की हत्या, 17 बार चाकू घोंपा; अब फरार

भारतपलट गए तेज प्रताप? युवती के साथ रिश्ते वाली फेसबुक पोस्ट पर लालू के बेटे ने दी प्रतिक्रिया, जानें क्या कहा

रिश्ते नाते अधिक खबरें

रिश्ते नातेKarwa Chauth 2025: अपनी पत्नी को इस करवा चौथ दें प्यार भरा तोहफा, इन गिफ्ट्स आइडिया से मिलेगी हेल्प

रिश्ते नातेValentine's Day 2025: प्यार का प्रतीक वेलेंटाइन डे से जुड़ा है काला इतिहास, 14 फरवरी का राज जानकर हो जाएंगे रोंगटे खड़े

रिश्ते नातेValentine's Day 2025: वैलेंटाइन डे के दिन पार्टनर को दे ये गिफ्ट्स, देखते ही हो जाएंगे खुश; जमकर करेंगे तारीफ

रिश्ते नातेValentine’s Week 2025: शुरू हो रहा प्यार का हफ्ता, वैलेंटाइन वीक के सातों दिन होंगे खास, देखें पूरी लिस्ट

रिश्ते नातेRelationship Tips: क्या आप भी कर रहीं ममाज बॉय को डेट? इन सिंपल साइन की मदद से करें पता, आपको मिल जाएगा सवाल का जवाब