विरोधियों को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। इससे यह भी धारणा गलत साबित हुई है कि जमीनी वास्तविकता के परे केवल हवा बनाने या माहौल बनाने से चुनाव जीता जा सकता है।
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डॉ. जगदीशचंद्र बोस देश के उन महान वैज्ञानिकों में से एक हैं जिन्होंने भारतीय धर्म दर्शन के उस सर्वात्मवाद के सिद्धांत को वैज्ञानिक प्रयोगों से सिद्ध करके दिखाया कि विश्व के समस्त जड़ पदार्थो से लेकर पेड़-पौधों और जीवों में एक ही चैतन्य शक्ति व्याप्त
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इसमें कोई शक नहीं कि चुनी हुई सरकार को फैसले लेने का अधिकार होता है, और उसे इसका उपयोग भी करना चाहिए. लेकिन, इससे पहले उसे फैसले के पीछे की नीयत पर यकीन भी दिलाना होगा.
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विश्व गरीबी मापन संस्था के मानदंडों पर हम पूरे भारत को कसें तो हमें मालूम पड़ेगा कि भारत के 140 करोड़ लोगों में से लगभग 100 करोड़ लोग वंचितों, गरीबों, कमजोरों और जरूरतमंदों की श्रेणी में रखे जा सकते हैं.
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23 दिसंबर 2021 तक चलने वाला संसद का यह शीतकालीन सत्र कई वजहों से हंगामेदार रहने की संभावना है. विपक्ष ने भी अपने तेवर से ये साफ कर दिया है कि वह सरकार को घेरने की तैयारी में है.
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सरकारी एजेंसियों से लेकर पूरा महकमा परेशान था कि आखिर परमबीर सिंह कहां गुम हो गए? आपने छुपने की जिस कला का प्रदर्शन किया है, उसने मिस्टर इंडिया के अनिल कपूर और भूतनाथ के अमिताभ बच्चन को भी फेल कर दिया।
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अमेरिका ने अगले माह 9-10 तारीख को दुनिया भर में लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों का सम्मान किए जाने के अहम मुद्दे पर विश्व नेताओं के साथ चर्चा करने के लिए ‘लोकतांत्रिक देशों’ का अपनी तरह का पहला वैश्विक शिखर सम्मेलन बुलाया है.
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हमारी सरकार संसद में जो विधेयक ला रही है, उसमें निजी फर्जी मुद्रा पर तो प्रतिबंध का प्रावधान है लेकिन सरकार खुद फर्जी मुद्रा रिजर्व बैंक के जरिये जारी करवाना चाहती है। कहीं वह कृषि-कानूनों के वक्त हुई गलती को दोहराने में तो नहीं लगी हुई है? उसे चीन,
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सरकार के द्वारा स्थायी राष्ट्रीय कृषि आयोग बनाया जा सकता है, जो किसानों की समस्याओं और उनके समाधान को लगातार सरकार तक पहुंचाता रहे। सरकार के द्वारा अनुबंध खेती के नियम में मानकीकरण सुनिश्चित करने के लिए बदलाव किया जा सकता है।
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भारत के मुकाबले यूरोप-अमेरिका में वाहन ज्यादा चलते हैं। वहां कल-कारखाने भी बहुत ज्यादा हैं, फिर भी उनका प्रदूषण-अंक 50 और 100 के बीच ही रहता है। यदि हमारी सरकारें भी प्रदूषण के स्थायी हल की कोशिश करें तो भारत की स्थिति उनसे भी बेहतर हो सकती है।
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