आप किसी भी विचारधारा के हों, अंतिम लक्ष्य सबका अपने देश की उन्नति तथा इसकी एकता अखंडता को बनाए रखना ही होगा. किसी को इस महान सोच में भी फासिस्टवाद और सांप्रदायिकता दिखती हो तो ऐसे लोगों के बारे में क्या कहा जा सकता है?
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दुनिया की विभिन्न कारोबार क्षेत्रों की बड़ी-बड़ी कंपनियां भारतीय प्रतिभाओं का लाभ लेने के मद्देनजर भारत का रुख कर रही हैं। भारत सॉफ्टवेयर सेक्टर में दुनिया में पहले क्रम पर है.
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ओडिशा में हुई दर्दनाक रेल दुर्घटना और उसके बाद बिहार में एक पुल के टूटने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. आखिर कब तक देश भ्रष्ट और निकम्मे लोगों को लेकर मानवीय रवैया अपनाता रहेगा.
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साल 2012 से पहले भारत में एंजल कर की कोई अवधारणा देखने को नहीं मिल रही थी. लेकिन साल 2012 में सरकार द्वारा आयकर अधिनियम 1961 में संशोधन के बाद धारा 56(2) में एक खंड ‘सात-बी’ जोड़ा गया, जिसमें एंजल कर को शामिल किया गया.
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सत्ता के गलियारों में ऐसी भी फुसफुसाहट है कि बृजभूषण संभवत: एकमात्र ऐसे भाजपा सांसद हैं जो कई मौकों पर सार्वजनिक रूप से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आलोचना कर चुके हैं और मुख्यमंत्री ने उनके खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया.
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एन. बीरेन सिंह का पहला कार्यकाल शांति और विकास में गुजरा. फरवरी-मार्च, 2022 में दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री ने उसका राजनीतिक लाभ उठाना शुरू कर दिया. नतीजा सामने है.
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महात्मा गांधी की महत्ता और महानता को आज दुनिया स्वीकारती है. हालांकि, विडंबना ये है कि आज जब देश की राजनीति के संदर्भ में कई मौकों पर गांधी बनाम गोडसे की बात शुरू हो जाती है.
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आप और कांग्रेस के रिश्ते सुधरे बिना व्यापक विपक्षी एकता दूर की कौड़ी ही बनी रहेगी. दोनों पार्टियों के बीच कटुता पुरानी है, जो समय के साथ बढ़ती गई है.
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फिलहाल देश में रेलवे नेटवर्क में केवल 1455 किमी रेल लाइनों पर ही स्वदेशी स्वचालित सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ काम कर रही है. इसे लेकर गंभीर काम करना होगा. ये भी हैरानी की बात है कि रेलवे में सुरक्षा वर्ग से जुड़े करीब 40 हजार पद रिक्त पड़े हुए हैं.
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