कुरोसावा की कथाशैली, धूप-छाया का खेल, जंगल-खंडहर के रूपक, कैमरा मूवमेंट, ध्वनि व संगीत, लंबे दृश्य; और सबसे बढ़कर संपादन दर्शकों को ऐसी दुनिया में ले जाते हैं, जो सम्मोहित कर देते हैं.
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उत्तर प्रदेश के ऐतिहासिक नगर आगरा में 18 से 27 फरवरी तक आयोजित हो रहा यह दस दिवसीय सांस्कृतिक पर्व केवल एक साधारण मेले का विस्तार नहीं है बल्कि यह भारत की बहुरंगी परंपराओं, लोक-स्मृतियों, लुप्तप्राय शिल्प-कौशल और उस विराट पाक-वैभव का उत्सव है.
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धर्म के नाम पर पाकिस्तान का हिस्सा तो बना दिया गया है लेकिन उनकी भाषा बांग्ला के साथ न केवल सौतेला व्यवहार किया जा रहा है बल्कि बांग्ला भाषा को समाप्त करने की साजिश भी रची जा रही है.
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घरों, व्यवसायों और पर्यटकों द्वारा अलग‑अलग किए गए कचरे को दर‑दर घर से इकट्ठा किया जाता है और केंद्रीय सर्कुलर इनोवेशन सेंटर में लाया जाता है, जहां इसे 15 से अधिक श्रेणियों में अलग किया जाता है.
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गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र जैसी जीवनदायिनी नदियां इसी हिमालय से निकलती हैं. जब हिमालयी जंगल जलते हैं तो उसका प्रभाव केवल स्थानीय नहीं रहता बल्कि वह करोड़ों लोगों के जल, कृषि और खाद्य सुरक्षा को प्रभावित करता है.
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शहरीकरण के साथ ही पारंपरिक मूल्यों के प्रति घटती निष्ठा और रोजगार के साधनों के रूप में भाषाओं की घटती संख्या भी मातृभाषाओं के खात्मे की वजह बनी है.
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फैसला पलटते हुए न्यायालय ने इस दोटूक टिप्पणी से भी परहेज नहीं किया था कि इस तरह की असंवेदनशीलता बरतकर बलात्कार पीड़िताओं को पूर्ण न्याय प्रदान नहीं किया जा सकता.
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