लाइव न्यूज़ :

वेदप्रताप वैदिक का ब्लॉग: किसान आंदोलन को लेकर बंधती उम्मीद

By वेद प्रताप वैदिक | Updated: January 22, 2021 10:57 IST

कई बार सरकार सिर्फ नौकरशाहों के इशारे पर चलने लगती है. ऐसे में यह किसान आंदोलन सरकार के लिए अपने आप में गंभीर सबक है.

Open in App

हाल ही में किसान नेताओं और मंत्रियों के सार्थक संवाद से यह आशा बंधी है कि इस बार का गणतंत्र दिवस का आयोजन बाधित नहीं होगा. यों भी हमारे किसानों ने अपने अहिंसक आंदोलन से दुनिया के सामने बेहतरीन मिसाल पेश की है.

उन्होंने सरकार से वार्ता के लगभग दर्जन भर दौर चलाकर यह संदेश भी दे दिया है कि वे दुनिया के कूटनीतिज्ञों-जितने समझदार और धैर्यवान हैं. उन्होंने अपने अनवरत संवाद के दम पर आखिरकार सरकार को झुका ही लिया है.

सरकार आखिरकार मान गई है कि वह एक-डेढ़ साल तक इन कृषि-कानूनों को ताक पर रख देगी और एक संयुक्त समिति के तहत इन पर सार्थक विचार-विमर्श करवाएगी. अब जो कमेटी बनेगी, वह एकतरफा नहीं होगी.

उसमें किसानों की भागीदारी भी बराबरी की होगी. अब संसद भी डटकर बहस करेगी. किसानों को सरकार का यह प्रस्ताव सहर्ष स्वीकार लेना चाहिए.

सरकार का यह प्रस्ताव अपने आप ही यह सिद्ध कर रहा है कि हमारी सरकार कोई भी बड़ा फैसला लेते वक्त उस पर गंभीरतापूर्वक विचार नहीं करती. न तो मंत्रिमंडल उस पर ठीक से बहस करता है, न संसदीय कमेटी उसकी सांगोपांग चीर-फाड़ करती है और न ही संसद में उस पर जमकर बहस होती है.

सरकार सिर्फ नौकरशाहों के इशारे पर चलने लगती है. यह किसान आंदोलन सरकार के लिए अपने आप में गंभीर सबक है.

फिलहाल, सरकार ने जो बीच का रास्ता निकाला है, वह बहुत ही व्यावहारिक है. यदि किसान इसे रद्द करेंगे तो वे अपने आप को काफी मुसीबत में डाल लेंगे. यों भी पिछले 55-56 दिनों में उन्हें पता चल गया है कि सारे विरोधी दलों ने जोर लगा दिया, इसके बाजवूद यह आंदोलन आम तौर पर पंजाब और हरियाणा तक ही सीमित रहा है.

किसानों के साथ पूर्ण सहमति रखनेवाले लोग भी चाहते हैं कि किसान नेता इस मौके को हाथ से फिसलने न दें. पारस्परिक विचार-विमर्श के बाद जो कानून बनें, वे ऐसे हों जो भारत को दुनिया का सबसे बड़ा खाद्यान्न-सम्राट बना दें और औसत किसानों की आय भारत के मध्यम-वर्गो के बराबर हो जाए.

टॅग्स :किसान आंदोलनभारत
Open in App

संबंधित खबरें

विश्वUAE के फुजैराह हमले पर पीएम मोदी का सख्त रुख, बोले- "भारत यूएई के साथ पूरी तरह एकजुट"

विश्वनेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने भारत, चीन से लिपिलेख के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा नहीं करने को कहा, जानिए वजह

क्रिकेट10 मैचों में 17 विकेट, WPL 2026 में मचाया था तहलका, अब T20 वर्ल्ड कप के लिए पहली बार भारतीय टीम में मिली जगह

पूजा पाठकैलाश मानसरोवर यात्रा 2026: ऑनलाइन पंजीकरण से चयन प्रक्रिया तक, यहाँ है स्टेप-बाय-स्टेप पूरी गाइड

भारतकरुणा, शांति और आत्मजागरण के प्रकाशस्तंभ हैं गौतम बुद्ध

भारत अधिक खबरें

भारतअमित शाह को पश्चिम बंगाल और जेपी नड्डा को असम के लिए BJP का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया

भारतकौन हैं कालिता माजी? जानिए घरों में बर्तन मांजने से लेकर बीजेपी की टिकट से विधायक बनने तक का सफर

भारत19 विजेताओं में 18 मुस्लिम: असम के नतीजों ने कांग्रेस की गहरी डेमोग्राफिक और भौगोलिक सीमाओं को उजागर किया

भारतबिहार में मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी, जानें कब, कहां और किस दिन होगा समारोह?

भारतभाजपा ने असम और पश्चिम बंगाल में "जनादेश की चोरी" की?, राहुल गांधी ने कहा- कांग्रेस के 'कुछ लोग' TMC हार से खुश?