Bihar: रोहिणी आचार्य ने कसा तंज, सोशल मीडिया पर लिखा- "विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती"

By एस पी सिन्हा | Updated: January 10, 2026 15:04 IST2026-01-10T15:04:15+5:302026-01-10T15:04:55+5:30

Bihar: उन्होंने अपनी हार और अपमान का ठीकरा तेजस्वी के ‘राइट हैंड’ माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत पर फोड़ा है।

Rohini Acharya X post targets Tejashwi Yadav and his allies saying it doesn't take outsiders to destroy legacy | Bihar: रोहिणी आचार्य ने कसा तंज, सोशल मीडिया पर लिखा- "विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती"

Bihar: रोहिणी आचार्य ने कसा तंज, सोशल मीडिया पर लिखा- "विरासत को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती"

Bihar: बिहार विधानसभा चुनाव में राजद को मिली करारी हार के बाद लालू परिवार के भीतर छिपे असंतोष को भी ज्वालामुखी की तरह विस्फोटित कर दिया है। तेजस्वी यादव के सबसे करीबी रणनीतिकारों यानी संजय यादव और रमीज नेमत के खिलाफ अब लालू की बेटी रोहिणी आचार्या ने खुला मोर्चा खोल दिया है। रोहिणी आचार्या ने एक्स पर लिखा है कि ‘बड़ी शिद्दत से बनाई और खड़ी की गई ‘बड़ी विरासत’ को तहस-नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती,‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं। 

उन्होंने आगे लिखा है कि हैरानी तो तब होती है, जब ‘जिसकी’ वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर ‘अपने’ ही आमादा हो जाते हैं। जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है। तब ‘विनाशक’ ही आंख-नाक और कान बन बुद्धि-विवेक हर लेता है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू परिवार में कलह जगजाहिर हो गई है। तेजप्रताप यादव लंबे समय से संजय यादव को ‘जयचंद’ बताते रहे हैं, लेकिन अब रोहिणी आचार्या के कड़े रुख ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।

रोहिणी ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि तेजस्वी के करीबियों की वजह से ही परिवार बिखर रहा है। बता दें कि लैंड फॉर जॉब मामले में लालू परिवार के खिलाफ कोर्ट ने आरोप तय कर दिया है। इससे सियासी हलचल तेज हो गई है।

विपक्ष लगातार इस मुद्दे को लेकर राजद और लालू परिवार पर हमला बोल रहा है, वहीं राजद इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है। रोहिणी आचार्य का बयान ऐसे समय में आया है जब राजद के भीतर नेतृत्व, भविष्य की राजनीति और पार्टी की दिशा को लेकर चर्चाएं तेज हैं।

उनके पोस्ट को कई लोग पार्टी की एकजुटता बनाए रखने की कोशिश के रूप में देख रहे हैं, तो वहीं कुछ राजनीतिक विश्लेषक इसे आंतरिक असंतोष की अभिव्यक्ति मान रहे हैं। जबकि कुछ राजद समर्थकों ने सोशल मीडिया पर रोहिणी आचार्य के बयान का समर्थन किया है और इसे लालू यादव की विरासत की रक्षा की आवाज बताया है। वहीं विपक्ष ने इस पर तंज कसते हुए कहा है कि कानूनी मामलों से ध्यान भटकाने के लिए भावनात्मक बयान दिए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि रोहिणी आचार्या ने इस विवाद को एक नया मोड़ तब दिया जब उन्होंने बेहद चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि राबड़ी आवास के भीतर उन पर चप्पल उठाई गई। उन्होंने अपनी हार और अपमान का ठीकरा तेजस्वी के ‘राइट हैंड’ माने जाने वाले संजय यादव और रमीज नेमत पर फोड़ा है।

रोहिणी के तेवर इस कदर सख्त हैं कि उन्होंने न केवल हार की जिम्मेदारी तय करने की मांग की, बल्कि परिवार से नाता तोड़ने और राजनीति से संन्यास लेने तक की घोषणा कर दी है। यह राजद के भीतर नेतृत्व और सलाहकारों की भूमिका पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है।

Web Title: Rohini Acharya X post targets Tejashwi Yadav and his allies saying it doesn't take outsiders to destroy legacy

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