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वलोडिमिर जेलेंस्की ने जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास हो रहे रूसी हमले को रोकने के लिए विश्व समुदाय से की अपील

By आशीष कुमार पाण्डेय | Updated: August 12, 2022 15:22 IST

यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने आरोप लगाया है कि हाल के दिनों में रूसी सेना जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को लक्ष्य बनाकर इसलिए गोलाबारी कर रही है, ताकि यूक्रेन की सेना परमाणु संयंत्र से पीछे हट जाए।

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ठळक मुद्देयूक्रेन ने विश्व समुदाय से रूस द्वारा जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर हो रहे हमले पर हस्तक्षेप की मांग कीजापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर कब्जा करने की नीयत रखने वाली रूसी सेना को तत्काल पीछे हटना चाहिएजापोरिज्जिया संयंत्र पर रूसी हमले को रोकने से ही यूरोप को परमाणु सुरक्षा की गारंटी मिल सकती है

कीव:यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की ने गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वो रूसी सेना द्वारा जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के पास किये जा रहे जबरदस्त हमले को रोकने के लिए "तुरंत हस्तक्षेप" करें। राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि हाल के दिनों में रूसी सेना जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र को लक्ष्य बनाकर इसलिए गोलाबारी कर रही है, ताकि यूक्रेन की सेना परमाणु संयंत्र से पीछे हट जाएं।

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने राजधानी कीव से अपने दैनिक वीडियो संबोधन में कहा, "जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर कब्जा करने की नीयत रखने वाली रूसी सेना को खदेड़ने के लिए पूरी दुनिया की ओर से तुरंत प्रतिक्रिया दी जानी चाहिए।"

उन्होंने कहा, "जापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र पर रूसी हमले को रोकना और रूसी सेना की पूर्ण वापसी ही पूरे यूरोप के लिए परमाणु सुरक्षा की गारंटी दे सकता है। रूस की नीयत परमाणु संयंत्र पर कब्जे की है और अगर ऐसा होता है तो यह न केवल यूक्रेन बल्कि पूरे यूरोप के लिए भयावह साबित होगा।"

इसके साथ उन्होंने कहा, "रूसी सेना यूक्रेनी परमाणु संयंत्र पर कब्जा करने के लिए सेना के जरिये जो हिंसा कर रहा है, वह केवल यूक्रेन के नहीं बल्कि पूरे यूरोप को ब्लैकमेल करने की साजिश है और विश्व को इसकी निंदा करनी चाहिए।

मालूम हो कि कि रूस ने 24 फरवरी को आक्रमण शुरू करने के बाद मार्च में दक्षिणी यूक्रेन के परमाणु संयंत्र पर कब्जा कर लिया था। यह परमाणु संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु संयंत्र है।

बताया जा रहा है कि बीते गुरुवार को रूस और यूक्रेन ने एक-दूसरे पर परमाणु संयंत्रों पर फिर से गोलाबारी करने का आरोप लगाया, लेकिन कथित तौर पर दोनों देशों के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

जानकारी के अनुसार यूक्रेन के परमाणु संयंत्र के पास रूस द्वारा पिछले हफ्ते भी बमबारी भी की गई थी, जिसके बाद साल 1986 में हुई चेरनोबिल आपदा के समान खतरा बढ़ गया था और लगा था कि यूक्रेन फिर से परमाणु तबाही का सामना करने के लिए मजबूर हो सकता है।

इस संबंध में यूक्रेन की सरकारी परमाणु कंपनी एनरगोएटम ने गुरुवार को कहा कि रूसी सेना के हमले के कारण परमाणु संयंत्र के रेडियोएक्टिव पदार्थ और विकिरण सेंसर क्षतिग्रस्त हो गए थे।

यूक्रेन द्वारा रूस पर लगाये गये आरोप पर गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद ने एक आपात बैठक आयोजित करते हुए कहा कि यह "एक मुश्किल भरा समय" था क्योंकि दोनों देशों की लड़ाई ने ज़ापोरिज्जिया परमाणु संयंत्र के सामने एक "गंभीर" संकट पैदा कर दिया है।

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