Venezuelan Peace Prize Award: नोबेल इंस्टिट्यूट ने स्पष्ट किया है कि वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो हाल ही में मिला नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नहीं दे सकतीं। नॉर्वियन नोबेल इंस्टिट्यूट ने यह बयान मचाडो के यह कहने के बाद जारी किया है कि वह अपना पुरस्कार ट्रंप को देना या उनके साथ साझा करना चाहेंगी, जिन्होंने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने के अमेरिकी अभियान की निगरानी की है।
मादुरो न्यूयॉर्क में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपों का सामना कर रहे हैं। इंस्टिट्यूट ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा हो जाने के बाद इसपर न तो रोक लगाई जा सकती है, न ही यह किसी दूसरे को सौंपा या उसके साथ साझा किया जा सकता। बयान में कहा गया है, “फैसला अंतिम होता है और हमेशा बरकरार रहता है।”
मचाडो ने ‘फॉक्स न्यूज’ के प्रस्तोता सीन हैनिटी से सोमवार को कहा था, “मैं व्यक्तिगत रूप से उनसे यह कहना जरूर चाहूंगी कि हम (वेनेजुएला की जनता) यह मानते हैं कि यह पुरस्कार वेनेजुएला के लोगों का है और वे निश्चित रूप से इसे उन्हें देना या उनके साथ साझा करना चाहते हैं।”
पुरस्कार की घोषणा के तुरंत बाद मचाडो ने इसे ट्रंप और वेनेजुएला की जनता को समर्पित कर दिया था। ट्रंप लंबे समय से नोबेल पुरस्कार पाने की इच्छा व्यक्त करते रहे हैं।