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अमेरिका ने भारत से धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करने का अनुरोध किया

By भाषा | Updated: December 13, 2019 09:11 IST

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, ‘‘हम नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं

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ठळक मुद्देकश्मीर मामले पर अमेरिकी सांसद ने कहा, भारत अपनी स्थापना के लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखेकैनसास ने रिपब्लिकन सांसद ने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाकर क्षेत्र की स्वायत्तता को खत्म कर दिया।

अमेरिका ने भारत से अनुरोध किया है कि वह अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे। अमेरिका, विवादित नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में भारत के विभिन्न राज्यों में जारी घटनाक्रमों पर नजर रख रहा है।

विदेश विभाग के एक प्रवक्ता ने गुरुवार को कहा, ‘‘हम नागरिकता संशोधन विधेयक के संबंध में घटनाक्रमों पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। कानून के तहत समान व्यवहार और धार्मिक स्वतंत्रता का सम्मान हम दो लोकतांत्रिक देशों के मौलिक सिद्धांत हैं।’’ प्रवक्ता ने कहा, ‘‘अमेरिका भारत से अनुरोध करता है कि वह अपने संवैधानिक और लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखते हुए धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा करे।’’ 

कश्मीर मामले पर अमेरिकी सांसद ने कहा, भारत अपनी स्थापना के लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखे

अमेरिकी सांसद ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाये जाने के बाद वहां के मौजूदा हालात पर चिंता जताते हुए भारत सरकार से उन लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखने का आग्रह किया, जिन पर उसकी स्थापना हुई थी। अमेरिकी कांग्रेस के सांसद स्टीव वाटकिंस ने बुधवार को प्रतिनिधि सभा के सदन में अपनी संक्षिप्त टिप्पणी में कहा, "महोदया, मैं आज जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए लोकतंत्र और स्वतंत्रता के समर्थन और धार्मिक अल्पसंख्यकों की रक्षा के महत्व पर अपनी बात रखना चाहता हूं।" कैनसास ने रिपब्लिकन सांसद ने आरोप लगाया कि भारत सरकार ने अगस्त में अनुच्छेद 370 हटाकर क्षेत्र की स्वायत्तता को खत्म कर दिया। उन्होंने कहा, "तब से वहां संचार सेवाएं बंद हैं। कर्फ्यू लगा हुआ है और लगभग चार हजार लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें नौ साल की उम्र के बच्चे भी शामिल हैं।" वाटकिंस ने कहा, "अध्यक्ष महोदया, यह स्थिति बर्दाश्त नहीं की जा सकती और मैं अपने सहयोगियों से एक प्रस्ताव (एच आर 745) का समर्थन करने का अनुरोध करता हूं, जिसमें भारत सरकार से उन लोकतांत्रिक मूल्यों को बरकरार रखने का आग्रह किया गया है, जिस पर उसकी स्थापना हुई थी।"

टॅग्स :नागरिकता संशोधन बिल 2019अमेरिकाजम्मू कश्मीर
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