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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से 'ईमानदार बातचीत' चाहते हैं शहबाज शरीफ, कहा- ये हम पर है कि हम शांति से रहे और प्रगति करें या...

By मनाली रस्तोगी | Updated: January 17, 2023 15:44 IST

अंतरराष्ट्रीय अरबी समाचार चैनल अल अरबिया के साथ एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा, "भारतीय नेतृत्व और पीएम मोदी को मेरा संदेश है कि आइए हम डेस्क पर बैठें और कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों को हल करने के लिए क्रिटिकल और ईमानदार बातचीत करें।"

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ठळक मुद्देशबाज शरीज ने कहा कि हमारे भारत के साथ तीन युद्ध हुए हैं और यह केवल लोगों के लिए अधिक संकट, गरीबी और बेरोजगारी लेकर आया है।शरीफ ने आगे कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और अच्छी तरह से सशस्त्र हैं।शरीफ ने कहा कि भगवान न करे, यदि युद्ध छिड़ जाए, तो जो कुछ हुआ था, उसे बताने के लिए कौन रहेगा।

कराची: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों पर क्रिटिकल और ईमानदार बातचीत की मांग की है। उनका बयान ऐसे समय में आया है जब पाकिस्तान में एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक ने बताया है कि जहां पाकिस्तान में आर्थिक संकट गहरा रहा है और शरीफ वित्तीय संकट के लिए दुनिया से भीख मांग रहे हैं, वहीं भारत दिन-ब-दिन प्रगति कर रहा है।

अरबी समाचार चैनल अल अरबिया के साथ एक इंटरव्यू में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ ने कहा, "भारतीय नेतृत्व और पीएम मोदी को मेरा संदेश है कि आइए हम डेस्क पर बैठें और कश्मीर जैसे ज्वलंत मुद्दों को हल करने के लिए क्रिटिकल और ईमानदार बातचीत करें। यह हम पर है कि हम शांति से रहे और प्रगति करें या एक-दूसरे से झगड़ा करें, और समय और संपत्ति बर्बाद करें।"

उन्होंने आगे कहा, "हमारे भारत के साथ तीन युद्ध हुए हैं और यह केवल लोगों के लिए अधिक संकट, गरीबी और बेरोजगारी लेकर आया है। हमने अब अपना सबक सीख लिया है और हम शांति से रहना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए हमें अपने वास्तविक मुद्दे को सुलझाने में सक्षम होना चाहिए।" शरीफ ने आगे कहा कि दोनों देश परमाणु शक्ति संपन्न हैं और अच्छी तरह से सशस्त्र हैं।

उन्होंने ये भी कहा, "भगवान न करे, यदि युद्ध छिड़ जाए, तो जो कुछ हुआ था, उसे बताने के लिए कौन रहेगा।" 'द एक्सप्रेस ट्रिब्यून' के संपादकीय में पाकिस्तानी रक्षा विश्लेषक शहजाद चौधरी ने चेतावनी दी कि पीएम शरीफ को इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था को कैसे सुधारा जाए क्योंकि भारत एक ऐसा देश बन गया है जिसके साथ अमेरिका और रूस एक-दूसरे से आंख मिलाकर खड़े हैं।

चौधरी के मुताबिक, अमेरिका और रूस के संबंध भले ही तनावपूर्ण रहे हों, लेकिन जब भारत की बात आती है तो दोनों देश पीएम मोदी के साथ खड़े नजर आते हैं। उन्होंने लिखा, "भारत अपनी नीतियों और शर्तों पर आगे बढ़ रहा है। उसने युद्ध के बाद भी रूस से तेल खरीदना जारी रखा है और जनता को उसका लाभ मिल रहा है।"

शहजाद चौधरी ने ये भी कहा, "भारत का सपना वर्ष 2037 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का है और वह इसे हासिल कर सकता है। यह पहले ही यूके को पछाड़कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। विदेशी मुद्रा भंडार भी 600 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। जबकि पाकिस्तान के पास सिर्फ 10.19 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार बचा है।"

शरीफ का यह बयान ऐसे समय में आया है जब संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी अब्दुल रहमान मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किया है। मक्की लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के प्रमुख हाफिज सईद का करीबी रिश्तेदार है, जिसने आईएसआई और पाकिस्तान के गहरे राज्य की मदद से 26/11 के मुंबई हमलों की योजना बनाई और उसे अंजाम दिया।

टॅग्स :शहबाज शरीफनरेंद्र मोदीभारतपाकिस्तान
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