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सऊदी अरब ने दो महिला एक्टिविस्ट को किया रिहा, काले कानून का विरोध करने पर तीन साल से थी जेल में बंद

By दीप्ती कुमारी | Updated: June 28, 2021 14:51 IST

रविवार को लंदन स्थित सऊदी अरब अधिकार समूह ALQST ने इस बात की जानकारी दी कि 2 महिलाओं समर बदावी और नसीमा अल-सदा को सऊदी अरब ने रिहा कर दिया है । इन महिलाओं को पुरुष संरक्षण कानूनों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए हिरासत में ले लिया गया था ।

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ठळक मुद्देसऊदी अरब ने दो महिला कार्यकर्ताओं को किया रिहा दोनों कार्यकर्ताओं को पुरुष संरक्षण कानूनों का विरोध करने के कारण हिरासत में लिया गया था दोनों को पांच साल की सजा सुनाई थी लेकिन 3 साल की सजा निलंबित कर दी गई

लंदन :  सऊदी अरब की दो महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को जेल से रिहा कर दिया गया । इस बात की जानकारी लंदन स्थित सऊदी अधिकार समूह ALQST  ने रविवार को दी । उन्होंने कहा कि सऊदी अरब ने लगभग 3 साल पहले हिरासत में ली गई दो महिला अधिकार कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है ।

दरअसल सऊदी के क्रॉउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अधिक स्वतंत्रता दिए जाने की शांति पूर्ण रुप से वकालत करने वाली महिला कार्यकर्ताओं के खिलाफ व्यापक  करवाई की  थी और दर्जनों महिलाओं को  हिरासत में ले लिया गया था । ALQST  अधिकार समूह ने बताया कि 2 महिलाओं समर बदावी और नसीमा अल-सदा को शनिवार देर रात रिहा कर दिया गया । ह्यूमन राइट्स वॉच ने भी उनकी रिहाई की पुष्टि की है ।

दरअसल इन महिलाओं ने सऊदी अरब के पुरुष संरक्षण  कानूनों का खुलकर विरोध किया था । इन कानून के तहत महिलाओं के कुछ अधिकारों का फैसला लेने का अधिकार उनके पतियों , पिताओं और कुछ मामलों में उनके बेटों को  दिया गया था ।  वह महिलाओं का पासपोर्ट हासिल करने और यात्रा करने के संबंध में उन्हें नियंत्रित कर सकते हैं । साथ ही महिलाओं को गाड़ी चलाने का अधिकार दिए जाने की भी  वकालत की थी । इस विरोध को दबाने के लिए इन दोनों महिलाओं को 5 साल के कारावास की सजा सुनाई गई थी, जिसमें से 2 साल की सजा निलंबित कर दी गई है । इनकी गिरफ्तारी की निंदा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी की गई थी । 

मानवाधिकार समूहों ने बताया कि दोनों महिलाओं को सशर्त रिहा किया गया है कि वह 5 साल तक विदेश यात्रा नहीं कर सकती । साथ ही जेल से रिहाई की गई अन्य महिला अधिकार कार्यकर्ताओं की तरह इन दोनों महिलाओं को भी मीडिया से बात करने और अपने मामले को लेकर कुछ भी ऑनलाइन पोस्ट करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है । 

टॅग्स :सऊदी अरबह्यूमन राइट्स
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