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300 से अधिक युद्धपोत, 20 हजार जवान और 50 से अधिक विमान आए एक जगह, पुतिन कुछ बड़ा करने वाले हैं!

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: July 30, 2024 14:50 IST

पिछले दो महीनों में रूस ने मोबाइल परमाणु मिसाइल लॉन्चर अभ्यास और सामरिक परमाणु हथियार तैनाती अभ्यास बढ़ा दिए हैं। इसके अतिरिक्त रूस ने बेलारूस के साथ सैन्य प्रशिक्षण तेज कर दिया है।

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ठळक मुद्देरूस के नौसैनिक बलों के सभी कमांड ने एक साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया हैअभ्यास में 300 से अधिक युद्धपोत, पनडुब्बियां, 20,000 से अधिक सैन्य कर्मी शामिलप्रशांत महासागर में तैनात रूसी बेड़े को दुनिया की सबसे ताकतवर नेवल फ्लीट में गिना जाता है

Russia naval forces exercises:रूस के नौसैनिक बलों के सभी कमांड ने एक साथ सबसे बड़ा युद्धाभ्यास शुरू किया है। इसमें प्रशांत बेड़े, बाल्टिक बेड़े और उत्तरी बेड़े शामिल हैं।  रूसी रक्षा मंत्रालय की एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस अभ्यास में 300 से अधिक युद्धपोत, पनडुब्बियां, कटर और सहायक जहाज, 50 से अधिक विमान, विशेष सैन्य उपकरणों की लगभग 200 इकाइयां और 20,000 से अधिक सैन्य कर्मी शामिल हैं।

ये अभ्यास ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका ने जर्मनी में सामरिक हथियारों की तैनाती की बात कही है जिससे माहौल गर्म है। रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है कि उसके पड़ोस में सैन्य हथियारों की तैनाती की किसी भी कोशिश के गंभीर परिणाम होंगे।

रूसी सैन्य विभाग ने कहा है कि प्रशांत बेड़े के अहम युद्धपोत प्रिमोर्स्की क्राय में कटर के साथ तैनात किए गए हैं। ये सतह पर चलने वाली छोटी नावों और हवाई खतरों वाले लक्ष्यों का पता लगाने, पहचानने और उन पर हमला करने के लिए लिए डिज़ाइन किए गए व्यापक युद्ध प्रशिक्षण अभ्यास करेंगे। ये गतिविधियाँ अंतर-एजेंसी अभ्यास का हिस्सा हैं जिसका उद्देश्य ठिकानों और समुद्री संचार की सुरक्षा और बचाव करना है।

फरवरी 2022 में जब से रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण शुरू किया है, तब से रूसी सैन्यबलों ने कई अभ्यास किए हैं। कुछ अभ्यास चीन और दक्षिण अफ्रीका जैसे देशों के साथ भी आयोजित किए गए। पिछले दो महीनों में रूस ने मोबाइल परमाणु मिसाइल लॉन्चर अभ्यास और सामरिक परमाणु हथियार तैनाती अभ्यास बढ़ा दिए हैं। इसके अतिरिक्त रूस ने बेलारूस के साथ सैन्य प्रशिक्षण तेज कर दिया है। बेलारूस एक ऐसा देश है जो रूस और यूक्रेन दोनों के साथ सीमा साझा करता है। 

प्रशांत महासागर में तैनात रूसी बेड़े को दुनिया की सबसे ताकतवर नेवल फ्लीट में गिना जाता है। रूसी प्रशांत बेड़े में कई दुर्जेय युद्धपोत और पनडुब्बियां हैं। इनमें से प्रत्येक उन्नत तकनीक और हथियारों से सुसज्जित है। सबसे खतरनाक में किरोव-श्रेणी के युद्धक्रूजर और बोरेई-श्रेणी की परमाणु-संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियां हैं।  इन जहाजों को प्रशांत क्षेत्र में शक्ति प्रदर्शित करने और रणनीतिक निरोध बनाए रखने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

किरोव श्रेणी के युद्धपोत, जैसे कि एडमिरल नखिमोव, दुनिया के सबसे बड़े और सबसे भारी हथियारों से लैस युद्धपोतों में से एक है। ये विभिन्न प्रकार के हथियारों से लैस है जिनमें P-700 ग्रेनाइट एंटी-शिप मिसाइलें, S-300F और S-300FM सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें और पनडुब्बी रोधी मिसाइलें शामिल हैं। इन पोतों में उन्नत रडार और इलेक्ट्रॉनिक युद्ध क्षमताएं भी हैं।

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