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RIC बैठक: चीन के विदेश मंत्री के सामने रूस ने कहा- UNSC में भारत की स्थाई सदस्यता का करते हैं समर्थन

By अनुराग आनंद | Updated: June 23, 2020 17:32 IST

भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ताकतवर मुल्कों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि इसका फायदा सभी को मिले और एक बेहतर दुनिया बनाया जा सके।

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ठळक मुद्देRIC की इस बैठक में तीनों देशों के विदेश मंत्री उपस्थित थे। गलवान घाटी में चीनी सेना के धोखा से हमले किए जाने के बाद इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री ने चीन के विदेश मंत्री को जवाब दिया।इस बैठक में चीन के सामने रूस ने कहा कि भारत UNSC में स्थाई सदस्यता का असली हकदार है।

नई दिल्ली: भारत-चीन सीमा पर जारी तनाव के बीच आज (मंगलवार) को रूस, चीन व भारत के विदेश मंत्री के बीच ऑनलाइन बैठक हुई। इस बैठक में रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने कहा कि हाल के दिनों में भारत व चीन की सीमा पर जो तनाव हैं, वह दोनों देश मिलकर समाप्त कर सकते हैं। 

रूस ने कहा कि मैं नहीं समझता कि इस मामले में दोनों देशों को किसी तीसरे पक्ष की जरूरत है। इस बैठक में तीनों देशों के विदेश मंत्री उपस्थित थे। 

UNSC में स्थाई सदस्यता का भारत असली हकदार-

इस बैठक में चीन के विदेश मंत्री के सामने रूस ने भारत की सुरक्षा परिषद में स्थाई सदस्यता का जोरदार तरीके से समर्थन किया है। रूस के विदेश मंत्री ने कहा कि हम संयुक्त राष्ट्र में सुधार की वकालत करते हैं। इसके साथ ही रूस ने कहा कि भारत संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए मजबूत उम्मीदवार है, ऐसे में हम भारत की स्थाई सदस्यता के लिए उम्मीदवारी का समर्थन करते हैं।

भारत की तरफ से एस जयशंकर ने ये कहा-

इस बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि हम सबों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने और सभी देशों के वैध हितों को पहचाने की जरूरत है। चीन के विदेश मंत्री वांग यी और रूस के सर्गेई लावरोव के सामने दुनिया के शक्तिशाली देशों से कहा कि वे हर मायने में उदाहरण पेश करें।

भारत-चीन सीमा विवाद का बिना जिक्र किए विदेश मंत्री ने अपनी राय व्यक्त करते हुए कहा कि देशों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करना चाहिए और साझेदारों के वैध हितों की पहचान करे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तीन दिन के दौरे पर मॉस्को पहुंचे

बता दें कि भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार देर रात रूस के तीन दिन के दौरे पर मॉस्को पहुंचे। राजनाथ रूस के रक्षा मंत्री के साथ बैठक करेंगे। इस दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा साझेदारी बढ़ाने पर बात होगी। वे रूस से अगले कुछ महीनों में भारत पहुंचने वाले हथियारों के बारे में भी चर्चा करेंगे। वे 24 जून को रूस के 75 वें विक्ट्री डे परेड में हिस्सा लेंगे। इस परेड में चीन के रक्षा मंत्री जनरल वेई फेंगे भी मौजूद रहेंगे। 

टॅग्स :चीनरूसइंडियासंयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद
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