उत्तर कोरिया ने किम जोंग-उन की निगरानी में लंबी दूरी वाले अनेक रॉकेट लॉन्चर्स और सामरिक हथियारों का परीक्षण किया। ‘कोरियन सेंट्रल न्यूज एजेंसी’ ने बताया कि यह अभ्यास शनिवार को किया गया। उत्तर कोरिया ने प्रक्षेपास्त्रों का भी परीक्षण किया जो एक वर्ष से अधिक समय में प्योंगयोंग द्वारा प्रक्षेपित पहली छोटी दूरी वाली मिसाइल हो सकती है।
प्योंगयोंग की इस कार्रवाई से प्रतीत होता है कि वह लंबित पड़ी परमाणु वार्ता को लेकर वॉशिंगटन पर दबाव बनाना चाहता है। केसीएनए ने कहा, ‘‘ इस अभ्यास का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र और पूर्वी मोर्चे पर लंबी दूरी वाले रॉकेट लान्चरों और सामरिक हथियारों की काम करने की क्षमता एवं हमला करने की सटीकता का अनुमान लगाना था।’’
उसने कहा कि यह अभ्यास पूर्वी समुद्र में किया गया, जिसे जापान का सागर भी कहा जाता है। रिपोर्ट के मुताबिक इस बार कोरिया ने शॉर्ट रेंज तक मार करने वाली मिसाइल का परीक्षण किया है। दक्षिण कोरियाई स्टाफ चीफ ने इस बात की जानकारी दी। मिसाइल स्थानीय समयानुसार 9 बजकर 6 मिनट पर किए गए। कोरियाई न्यूज एजेंसी योनहैप की रिपोर्ट के हवाले से ये खबर सामने आई है।
हालांकि इस बार भी दोनों देशों के बीच कोई आम सहमति नहीं बन पाई थी इसके पहले पिछले साल 2018 में जून के महीने में सिंगापुर में इन दोनों का पहला ऐतिहासिक शिखर सम्मेलन हुआ था।
इसके पहले दक्षिण कोरिया के मुख्य परमाणु राजदूत और अमेरिका के बीच उत्तर कोरिया की तरफ से निरस्त्रीकरण के लिए अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई साथ ही कोरियाई प्रायद्वीप में शांति व्यवस्था के लिए प्योंगयांग के प्रयासों पर भी चर्चा की गई थी।
कोरियाई प्रायद्वीप के शांति और सुरक्षा मामलों के विशेष प्रतिनिधि ली डो-हून और उत्तर कोरिया में अमेरिकी विशेष प्रतिनिधि स्टीफन बीगन ने अपने टेलीफोनिक वार्ता में दोनों देशों के बीच हुए दूसरे असफल शिखर वार्ता के बाद की स्थितियों की गहन समीक्षा की।