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नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रेसा को मिली बड़ी राहत, कर चोरी के आरोपों पर कोर्ट ने दी क्लीन चिट

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: January 18, 2023 11:51 IST

अदालत का फैसला आने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रेसा ने फैसले का स्वागत किया।

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ठळक मुद्दे फिलीपींस की नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रेसा को कोर्ट ने कर चोरी के आरोप से बरी कर दिया गया है।आपको बता दें कि देश के राजस्व विभाग ने उन पर और उनकी न्यूज साइट पर ये आरोप लगाया था।ऐसे में मारिया रेसा ने कोर्ट के फैसले को सच्चाई और न्याय की जीत बताया है।

मनीला:फिलीपींस की रहने वाली मारिया रेसा को कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। साल 2021 में नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रेसा और उनके न्यूज साइट 'रैपर' पर कर चोरी का आरोप था, इन आरोपों से कोर्ट ने उन्हें क्लीन चिट दे दी है। मारिया के लिए ये खबर राहत भरी है और उन्होंने कोर्ट के इस फैसले पर खुशी जताई है। 

बुधवार को कोर्ट की तरह से आए इस फैसले में न्यायाधीश ने मारिया को कर चोरी के सभी आरोपों से बरी कर दिया गया है। कोर्ट ने कहा कि ये सभी आरोप एक वरिष्ठ पत्रकार पर राजनीति से प्रेरित है, जिन आरोपों से अब उन्हें बरी किया जाता है। 

दरअसल, फिलीपींस की मारिया रेसा को अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए उनके द्वारा किए गए संघर्षों को लेकर नोबेल शांति पुरस्कार दिया गया था। वह न्यूज साइट रैपर की सह-संस्थापक हैं। रैपर सरकार के खिलाफ खुलकर लिखती है। मारिया को उनके गहन अध्ययन और रिपोर्टिंग के लिए जाना जाता है। उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति रोड्रिगो दुतेर्ते और उनकी नीतियों के खिलाफ खुलकर अलोचना की थी। 

मारिया रेसा ने फैसले को बताया सच की जीत 

अदालत का फैसला आने के बाद नोबेल पुरस्कार विजेता मारिया रेसा ने फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कोर्ट के फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए इसे न्याय और सच्चाई की जीत बताई है। उन्होंने कहा कि मेरा बरी होना केवल रैपर के लिए ही नहीं बल्कि पूरे फिलीपींस वासियों के लिए है। हम पर अन्यायपूर्ण आरोप लगाया गया था और यह न्याय और सच्चाई की जीत है। 

क्या था मारिया पर आरोप?

बता दें कि मारिया रेसा और उनकी न्यूज साइट पर कर चोरी के संगीन आरोप लगे थे। ये आरोप उन पर देश की राजस्व एजेंसी ने लगाया था। राजस्व एजेंसी के आरोप के अनुसार न्यूज साइट रैपर विदेशी निवेशकों को साल 2015 की डिपॉजिटरी रसीदों की बिक्री की आय को अपने कर रिटर्न से हटा दिया था। यही कारण रहा कि उन पर कर चोरी का आरोप लगाया गया।

टॅग्स :फिलीपींसकोर्ट
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