बैंकाकः म्यांमा में सैन्य शासन द्वारा नियुक्त चुनाव निकाय ने आम चुनाव के परिणामों की घोषणा शुरू कर दी है। अब तक घोषित परिणामों के अनुसार अधिकतर सीटें सैन्य समर्थित पार्टी को मिली हैं, जैसी उम्मीद व्यक्त की जा रही थी। मौजूदा व्यवस्था के आलोचकों का कहना है कि इस चुनाव का मकसद यथास्थिति को वैधता प्रदान करना है। उनका आरोप है कि प्रमुख राजनीतिक दलों को बाहर रखने और सरकार द्वारा असंतुष्टों का दमन किये जाने के कारण चुनाव न तो स्वतंत्र हैं और न ही निष्पक्ष। विपक्षी संगठनों ने मतदाताओं से चुनाव बहिष्कार का आह्वान किया था।
सैन्य सरकार ने बुधवार को कहा कि 28 दिसंबर को पहले चरण के चुनाव में 1.1 करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओं में से लगभग 52 प्रतिशत यानी 60 लाख से अधिक लोगों ने वोट डाला। सरकार ने मतदान को एक निर्णायक सफलता बताया। यूनियन इलेक्शन कमीशन (यूईसी) ने शनिवार को सरकारी समाचार पत्र म्यांमा अलिन में घोषणा की कि ‘यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी (यूएसडीपी)’ ने 330 सदस्यीय पाइथू ह्लुटाव (निचले सदन) की 38 सीटें जीती हैं। कई सीटों के परिणाम अभी घोषित किए जाने हैं।
यूईसी के बयान के अनुसार, ‘शान नेशनलिटीज़ डेमोक्रेटिक पार्टी’ और ‘मोन यूनिटी पार्टी’ को एक-एक सीट मिली है। शनिवार को की गयी घोषणा शुरूआती परिणाम हैं, लेकिन यूएसडीपी के नेता पहले चरण की सफलता को लेकर आश्वस्त हैं। यूएसडीपी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने शनिवार को एसोसिएटेड प्रेस से कहा कि उनकी पार्टी ने पहले चरण में कुल 102 में से 88 सीटें जीती हैं।
म्यामां में दो सदनों वाली राष्ट्रीय विधायिका है, जिसमें कुल 664 सीट हैं। लगातार सशस्त्र संघर्षों के कारण चुनाव तीन चरणों में कराया जा रहा है। पहले चरण में 28 दिसंबर को लगभग एक तिहाई (102) सीटों पर मतदान हुआ। बाकी सीटों पर 11 जनवरी और 25 जनवरी को मतदान कराए जाएंगे। संघर्ष के कारण 65 क्षेत्रों में मतदान नहीं होगा।