लाइव न्यूज़ :

बलूचिस्तान में पाक सरकार लोगों को गायब करा रही है, पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने खोली पोल

By शिवेन्द्र कुमार राय | Updated: April 22, 2023 18:00 IST

बलूचिस्तान में पाक सेना की चौकियों का एक नेटवर्क फैल रहा है और स्थानीय लोगों का कहना है कि इन चौकियों ने यहां दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने कहा है कि पाक सरकार असंतोष दबाने के लिए अपहरण को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है।

Open in App
ठळक मुद्देबलूचिस्तान में पाक सरकार अपने ही लोगों को गायब करा रही हैपाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने जारी की रिपोर्टपाक सरकार पर अपहरण को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का आरोप

नई दिल्ली: पाकिस्तान के मानवाधिकार आयोग ने देश के अशांत प्रांत बलूचिस्तान में लोगों के लगातार गायब होने के मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया सिंध एक्सप्रेस ने बताया है कि देश के मानवाधिकार आयोग के अनुसार सरकार के खिलाफ बोलने वाले लोगों को चुप कराने के लिए पाकिस्तान जबरन गुमशुदगी और अपहरण को एक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहा है।

क्वेटा में एक संवाददाता सम्मेलन में जारी आयोग की तथ्यों पर आधारित रिपोर्ट में कहा गया है कि जबरन गुमशुदगी के मामलों/अपहरण, आर्थिक तनाव, मीडिया की चुप्पी, अक्षम प्रशासन के कारण बलूचिस्तान के लोगों में गुस्सा और रोष बढ़ रहा है। लोगों के अनुसार बलूचिस्तान,  पाकिस्तान का उपनिवेश बन गया है।  रिपोर्ट जारी करने वाले अधिवक्ता हबीब ताहिर ने इस अवसर पर कहा कि अपहरण और लोगों का लापता होने जैसी चीजें दो दशक से हो रही हैं।

सिंध एक्सप्रेस के अनुसार, बलूचिस्तान में पाक सेना की चौकियों का एक नेटवर्क फैल रहा है और स्थानीय लोगों का कहना है कि इन चौकियों ने यहां दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। लोगों के गायब होने की घटनाएं लगातार जारी हैं। लोकिन आजकल ऐसे मामले या तो सामने नहीं आते या फिर कम ही सामने आते हैं। इस बीच पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बलूचिस्तान में लगातार विरोध प्रदर्शन भी जारी है। प्रांत में अपना हक मांगने के लिए गिव राइट्स मूवमेंट चल रहा है। इसे चलाने वाले लोगों का कहना है कि बलूचिस्तान को राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए नरक बना दिया गया है।

 बलूचिस्तान में पाक सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार प्रदर्शन होते रहते हैं। दरअसल ये प्रांत खनिज और संसाधन के मामले में पाकिस्तान का सबसे संपन्न इलाका है। पाक सरकार यहां संसाधनों से हासिल धन का इस्तेमाल पंजाब में विकास कार्यों पर करती है।  बलूचिस्तान की स्थिति बदहाल ही है। 

बता दें कि हाल ही में  पीओके के गिलगित बाल्टिस्तान में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर के साथ पाकिस्तान सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोग भारत के साथ जुड़ने की मांग कर रहे हैं।  मांग की जा रही है कि कारगिल सड़क को फिर से खोला जाए और भारत के केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के कारगिल जिले में बाल्टिस्तान को दोबारा से मिलाया जाए। 

यहां के लोगों का आरोप है कि पाकिस्तान की सरकार भेदभाव करती है। यहां के लोगों को राशन मुहैया नहीं कराया जाता। जमीनों पर सरकार अवैध तरीके से कब्जा कर रही है और प्राकृतिक संसाधनों का अतिदोहन किया रहा है।

टॅग्स :पाकिस्तानPakistan Armyशहबाज शरीफह्यूमन राइट्सHuman Rights Commission
Open in App

संबंधित खबरें

ज़रा हटकेपाकिस्तान की 80% आबादी समलैंगिक और 20% उभयलिंगी?, ट्रांसजेंडर कार्यकर्ता हिना बलोच का बयान, वायरल वीडियो

कारोबारपाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 458.40, केरोसिन दाम 457.80 और डीजल की कीमत 520.35 रुपये प्रति लीटर?

भारतफील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ: पाक पर 1971 की महाविजय के नायक

भारतJammu-Kashmir: पाक की ओर से जम्मू सीमा पर गोलीबारी, भारतीय रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट पर हमले की कोशिश नाकाम

विश्वपाकिस्तान में जैश-ए-मोहम्मद प्रमुख मसूद अजहर के भाई की मौत, मृत्यु के कारणों पर सस्पेंस बरकरार

विश्व अधिक खबरें

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल

विश्व2027 में रिटायरमेंट और 2026 में जबरन हटाया?, सेना प्रमुख जनरल रैंडी जॉर्ज पर गाज?, ईरान युद्ध के बीच अमेरिकी रक्षा में हलचल

विश्वअमेरिका-इजरायल के वार बेअसर? हमलों के बावजूद ईरान की मिसाइल क्षमता बरकरार: रिपोर्ट

विश्वNASA Artemis II: पृथ्वी पीछे छूटी, लक्ष्य सामने! मानव इतिहास में पहली बार आर्टेमिस II 'वहां' जाने की तैयारी, जहां कोई नहीं पहुंचा

विश्वकौन कहता है कि अकेला चना भाड़ नहीं फोड़ता!