लाइव न्यूज़ :

फ्रांस के मशहूर लेखक डॉमिनिक लैपियर का निधन, भारत से था खास लगाव, लिखा था कोलकाता पर आधारित उपन्यास 'सिटी ऑफ जॉय'

By लोकमत न्यूज़ डेस्क | Updated: December 5, 2022 14:43 IST

मशहूर फ्रांसीसी लेखक डॉमिनिक लैपियर का 91 वर्ष की उम्र में निधन हो गया है। उनका जन्म 1931 को चेटेलॉन शहर में हुआ था। उन्होंने भारत की आजादी और विभाजन पर आधारित 'फ्रीडम ऑफ मिडनाइट' किताब भी लिखी थी, जिसने दुनिया भर में सुर्खिया बटोरी थी।

Open in App
ठळक मुद्देकई मशहूर फ्रांसीसी उपन्यास के लेखक डॉमिनिक लैपियर का हुआ निधन। भारत की कहानियों पर भी उन्होंने लिखे थे उपन्यास।उनकी लिखी उपन्यास "सिटी ऑफ़ जॉय" पर आधारित एक फिल्म भी बनी है।

पेरिस: 91 वर्षीय मशहूर फ्रांसीसी लेखक डॉमिनिक लैपियर, जिन्होंने भारत की खूबसूरती को शब्द दिए और अपने उपन्यास में उतारा,  उनका निधन हो गया है । इसकी जानकारी उनकी पत्नी ने दी। डोमिनिक कोंचोन-लैपियर ने रविवार को फ्रांसीसी अखबार वार-मटिन को बताया, '91 साल की उम्र में उनका निधन हो गया है।' 

30 जुलाई 1931 को फ्रांस के चेटिलॉन शहर में जन्मे लैपियर की लिखी छह किताबों की करीब  5 करोड़ प्रतियां बिकी थी। ये किताबें उन्होंने अमेरिकी लेखक लैरी कोलिन्स के साथ मिलकर लिखी थी। इनमें सबसे ज्यादा 'इज पेरिस बर्निंग?' लोकप्रिय हुई थी।

लैपियर ने भारत की आजादी और विभाजन पर आधारित 'फ्रीडम ऑफ मिडनाइट' बुक भी लिखी थी, जिसने दुनिया भर में सुर्खिया बटोरी थी

लैपियर  के लिखे उपन्यास 'सिटी ऑफ जॉय' का प्रकाशन 1985 में हुआ था । यह उपन्यास कोलकत्ता में एक रिक्शा चालक के जीवन की परेशानियों के बारे में बताती है । 1992 में उनके इस उपन्यास पर एक फिल्म भी रिलीज हुई थी। जिसमें पैट्रिक स्वेज ने अभिनय किया और इसे रोलैंड जोफ द्वारा निर्देशित किया गया था। इतना ही नहीं लैपियर ने  'सिटी ऑफ जॉय' से मिली रॉयल्टी का ज्यादातर हिस्सा भारत में मानव सेवाओं के लिए होने वाले कामकाज के लिए दान कर दिया था।

1965 में प्रकाशित किताब 'इज पेरिस बर्निंग?' में अगस्त-1944  तक के घटनाक्रम का जिक्र है, जब नाजी जर्मनी ने फ्रांसीसी राजधानी पर अपना नियंत्रण छोड़ दिया था। इस किताब पर भी आधारित एक फिल्म भी बनाई गई जो 1966 में रिलीज हुई थी। 

लैपियर ने अमेरिकी लेखक के साथ कई प्रसिद्ध किताबें लिखी। इसमें- 'ऑर आई विल ड्रेस यू इन मॉर्निंग' (1968), “ओ येरुशलम” (1972), “फ्रीडम एट मिडनाइट” (1975), “द फिफ्थ हॉर्समैन” (1980), और थ्रिलर “इज न्यूयॉर्क बर्निंग” शामिल हैं। 

टॅग्स :पुस्तक समीक्षाकोलकाताफ़्रांस
Open in App

संबंधित खबरें

भारतपश्चिम बंगाल चुनावः 4660 अतिरिक्त मतदान केंद्र?, कुल संख्या 85379 और 23 और 29 अप्रैल को 2 चरणों में पड़ेंगे वोट

क्रिकेटमैच फीस का 25 प्रतिशत जुर्माना और खाते में 1 डिमेरिट अंक?, आखिर क्यों सनराइजर्स हैदराबाद के उप कप्तान अभिषेक शर्मा पर आईपीएल ने लिया एक्शन

भारत7 न्यायिक अधिकारी और 9 घंटे तक बंधक?, मतदाता सूची से नाम हटाने पर बवाल, सीजीआई सूर्यकांत ने कहा-रात 2 बजे से निगरानी कर रहा?

भारतएक शांत दिखने वाली विदाई से हुई भारी क्षति!

भारतविदेश में रोड शो करने पर 20 करोड़ रुपए खर्च करेगी योगी सरकार, जापान, जर्मनी, यूएस सहित सात देशों में रोड शो करने ही तैयारी

विश्व अधिक खबरें

विश्वUS-Israel-Iran War: ट्रंप का दावा- "तेहरान हमले में ईरानी सैन्य नेता ढेर", IDF ने हिज्बुल्लाह और ईरान के 200 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना

विश्ववैज्ञानिकों ने हमारे सौरमंडल के बाहर 45 पृथ्वी जैसे ग्रहों को खोज निकाला

विश्वकर्ज़ में डूबे पाकिस्तान के लिए भारी मुसीबत, यूएई ने इसी महीने 3.5 अरब डॉलर का लोन चुकाने को कहा

विश्वअसल समस्या ट्रम्प हैं या दुनिया का दरोगा बनने की अमेरिकी मनोदशा?

विश्वअबू धाबी में रोकी गई ईरानी मिसाइलों के मलबे की चपेट में आने से घायल 12 लोगों में 5 भारतीय शामिल